पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र में सुबह शाम परिवार सहित टहलने को ईको पार्क तैयार हो चुका है। वन विभाग ने तीन वर्षों के भीतर पार्क तैयार किया है। पार्क में 90 लाख बजट खर्च हुआ है जिसमें एक किलोमीटर लंबा भ्रमण ट्रैक, विलुप्त होते वन्य जीवों की मूर्तियां, बच्चों के झूले और दीवारों पर योगा पेंटिंग्स आकर्षण का केंद्र है। एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन समेत अन्य अधिकारियों की टीम ने बुधवार को योजना स्थल का जायजा लिया।
बता दें कि पांवटा क्षेत्र के लिए वर्ष 2017 में ईको पार्क योजना मंजूर हुई थी जिसकी लागत करीब 90 लाख रुपये है। शहरी क्षेत्र के साथ ही लगती कुंजा पंचायत में ईको पार्क तैयार हुआ है। पत्थरों से भरे इस क्षेत्र को वन विभाग कर्मियों ने कड़ी मेहनत से हरे-भरे पार्क में बदल दिया। योजना में लगभग चार हेक्टेयर क्षेत्र को समतल कर हरी घास लगाई गई है। फूलदार पौधों की विभिन्न किस्में लगाई गई हैं।
सैर के लिए पार्क में लगभग एक किलोमीटर लंबा भ्रमण (वाकिंग) ट्रैक तैयार किया गया है। साथ ही साथ पर्यावरण का महत्व दर्शाती पेंटिंगें दीवारों पर दर्शाई गई हैं। यहीं नहीं छोटे बच्चों के लिए झूलों का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा औषधीय पौधों और योगा का महत्व दर्शाती हुई आकर्षक चित्रकारी भी दीवार पर की गई हैं। स्थानीय चर्चित कलाकार राकेश थापा की ओर से पार्क में विलुप्त प्राय जीवों की दस मूर्तियां बनाई गई हैं जिनमें फॉरेस्ट गार्ड मेमोरियल और भारतीय गैंडे की मूर्तियां बिल्कुल सजीव ही प्रतीत होती हैं। इस पार्क के निर्माण में वन विभाग के रेंजर सुप्रभात, बीओ बलिराम और सुमंत और वनरक्षक राकेश, संदीप व नदीम का अहम योगदान रहा।
बुधवार को एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन, बीडीओ पांवटा धीमान, ईओ पांवटा नगर परिषद एसएस नेगी समेत अधिकारियों की टीम ने पांवटा निगम ईको पार्क योजना कार्य स्थल का दौरा किया। डीएफओ पांवटा साहिब कुणाल अंग्रीश ने कहा कि ईको पार्क का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। अतिशीघ्र ही विधिवत रूप से पांवटा साहिब ईको पार्क का लोकार्पण किया जाएगा।