हिमाचल निर्माता के गृह स्थल को जोड़ने वाला मार्ग खस्ताहाल
डूंगाघाट-बागथन-चनालग मार्ग पर पड़े गड्ढे लोगों का जीना कर रहे मुहाल
छोटे वाहनों का गुजरना हुआ मुश्किल, समय से पहले खटारा हो रहे नए वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के गृह क्षेत्र को जोड़ने वाला डूंगाघाट-बागथन-चनालग मार्ग 50 वर्ष बाद भी अपनी बदहाली बयां कर रहा है। इस मार्ग का निर्माण 1973 में हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार ने करवाया था। सड़क बनने के 50 साल बाद भी यह खस्ताहाल है। इससे स्थानीय लोगों में रोष पनपा हुआ है।
बता दें कि यह मार्ग पच्छाद विधानसभा क्षेत्र और रेणुका विधानसभा क्षेत्र के लोगों को सराहां से जोड़ती है। इस महत्वपूर्ण मार्ग की दशा बद से बदहाल हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। विशेषकर डूंगा घाट से बनाड़ और कनूथ से बागथन मार्ग की दशा तो बेहद दयनीय है।
उबड़-खाबड़ गड्ढों के कारण छोटे वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया है। लोगों के नए वाहन इस मार्ग पर गुजरने से समय से पहले ही पुराने और खटारा हो रहे हैं। गौरतलब रहे कि कांग्रेस-भाजपा से जुड़े लोग हमेशा से ही हिमाचल निर्माता डाॅ. यशवंत सिंह परमार की ओर से करवाए गए विकास कार्यों की सराहना करते हैं। इसे दुर्भाग्य न कहें तो क्या कहें कि इन सबके बीच किसी भी राजनीतिक दल ने हिमाचल निर्माता के गृह स्थल को जोड़ने वाले इस मार्ग की दशा को सुधारने की ओर ध्यान नहीं दिया।
बजगा पंचायत के प्रधान मानसिंह, बागथन पंचायत के उपप्रधान अनूप ठाकुर, लाना बांका पंचायत के प्रधान कुलदीप सिंह, नेहर सवार पंचायत के प्रधान कल्पना शर्मा, राजेंद्र शर्मा, देव स्वरूप शर्मा, राजेश कुमार व सचिन शर्मा ने बताया कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के गृह क्षेत्र बागथन-चनालग सड़क की दशा दयनीय बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गड्ढे और उबड़-खाबड़ मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
लोगों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि इस सड़क की दशा को सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क रेणुका विधानसभा क्षेत्र व पच्छाद क्षेत्र की करीब एक दर्जन पंचायत को लाभान्वित करती है।
विभाग के अधिशासी अभियंता डीएस कौंडल ने बताया कि डूंगाघाट से बनाड तक पैच वर्क कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कानूत से बागथन तक सड़क पर नए सिरे से टारिंग की जाएगी।
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