पांवटा साहिब/ ददाहू (सिरमौर)। सरकार के रवैये से खफा चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल वीरवार को चौथे दिन भी जारी रही। डॉक्टर्स डे पर भी चिकित्सकों ने दो घंटे मरीजों की जांच नहीं की। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ओपीडी के बाहर मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में सबसे अधिक परेशानियां हुईं। यहां शिलाई, कफोटा जैसे दुर्गम क्षेत्रों से सुबह-सवेरे पहुंचे लोगों को पहले दो घंटे चिकित्सक के बैठने का और फिर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
इसके अलावा जिले के ददाहू, राजगढ़, सराहां, शिलाई आदि अस्पतालों में भी दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल ने मरीजों की दुश्वारियां बढ़ा दी। हालांकि चिकित्सकों के संगठन ने पहली जुलाई तक ही पेन डाउन हड़ताल पर रहने का फैसला लिया था। लेकिन चार दिन तक सरकार की ओर से कोई फैसला न लेने से चिकित्सकों ने हड़ताल को एक दिन आगे बढ़ा दिया है। शुक्रवार को भी चिकित्सकों की यह हड़ताल जारी रहेगी। लेकिन इस दौरान आपातकालीन सेवाओं पर कोई प्रभाव पड़ने नहीं दिया जाएगा। केवल ओपीडी सेवाएं ही दो घंटे बाधित रहेंगी। एचएमओए के जिलाध्यक्ष और सिविल अस्पताल ददाहू के प्रभारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि चिकित्सकों की मांगों को लेकर प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। इसके चलते हड़ताल को एक दिन ओर आगे बढ़ाने का निर्माण लिया गया है। जरूरत पड़ी तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। संगठन को सरकार के फैसले का इंतजार है। उन्हें बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल फिलहाल सांकेतिक है, लेकिन यदि सरकार ने पंजाब सरकार की ओर जारी छठे वेतनमान पर पुनर्विचार करके संशोधन नहीं किया तो चिकित्सकों को मजबूर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। इस दौरान सिविल अस्पताल ददाहू के दंत चिकित्सक सहित अन्य सभी चिकित्सक दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल में शामिल रहे। चौथे दिन भी चिकित्सकों ने 11:30 के बाद ही अपनी सेवाएं बहाल करके रोगियों का उपचार करना शुरू किया। लेकिन इससे पूर्व रोगी दो घंटे तक मरीज इलाज को भटकते रहे।