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Sirmour News: पांवटा साहिब बस स्टैंड में शुरू की जाए शिशु स्तनपान गृह की सुविधा

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- पांवटा साहिब बस अड्डा: संवाद
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पांवटा साहिब बस स्टैंड में शुरू की जाए शिशु स्तनपान गृह की सुविधा
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महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से मुद्दा उठाएंगे : गीता सिंगटा
कहा, भूख से परेशान शिशुओं के स्तनपान के लिए आंचल कक्ष होना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जनपद के पांवटा साहिब बस अड्डे में विभिन्न राज्यों से हर रोज हजारों पर्यटक, श्रद्धालु व यात्री पहुंचते हैं। करोड़ों की लागत से सब डिपो पांवटा का बस स्टैंड भवन तैयार किया गया है लेकिन भूख से परेशान छोटे दूध पीते बच्चों के स्तनपान के लिए कोई आंचल कक्ष (शिशु स्तनपान गृह) सुविधा नहीं है। इसके कई बार बच्चों को स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को काफी दिक्कतें आती हैं। बाल विकास परियोजना अधिकारी पांवटा साहिब गीता सिंगटा ने भी हिमाचल पथ परिवहन विभाग तथा बीएसएमडीए से आंचल कक्ष सुविधा शुरू करने की मांग उठाई है।

गौरतलब है कि पांवटा साहिब बस स्टैंड पर हर रोज हजारों यात्री पहुंचते हैं। जो बाहरी राज्यों व स्थानीय सब डिपो की बसों में यात्रा करते हैं। बस स्टैंड पर आने वाले यात्रियों में ज्यादातर महिलाएं होती हैं जो अपने छोटे बच्चों को साथ लिए होती हैं। कई बार बसों के इंतजार में महिलाओं को बस स्टैंड परिसर में बैठना पड़ता है। इस दौरान छोटे बच्चे भूख के मारे रोने लग जाते हैं जिससे मजबूरन महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर दूध पिलाना पड़ता है। ऐसे में कई बार तो महिलाएं हिचक महसूस करती हैं।
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बाल विकास परियोजना अधिकारी पांवटा साहिब गीता सिंगटा ने कहा कि महिलाओं की इस समस्या के निवारण के लिए क्षेत्रीय महाप्रबंधक नाहन की ओर से पांवटा बस स्टैंड परिसर के भूतल पर एक स्पेशल कमरे की व्यवस्था की जाए जिसमें महिलाएं अपने छोटे बच्चों को आसानी से दूध पिला सकती हैं। इस बारे में संबंधित विभाग को एक पत्र भी भेजा जाएगा कि बस स्टैंड पर भूख से परेशान शिशुओं को स्तनपान कराने को आंचल कक्ष स्थापित किया है।
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शिशु स्तनपान गृह में हो खास सुविधा
समाज सेवी आशा तोमर, रंजना शर्मा, अर्जना ठाकुर व राधिका ने कहा कि बस स्टैंड भवन में एक अलग कमरे की व्यवस्था हो। जिस कमरे के अंदर महिलाओं के बैठने के लिए कुर्सियां हों और कमरे के बाहर पर्दे लगवाए जाएं जिससे महिलाएं अपने छोटे बच्चों को सुविधाजनक तरीके से दूध पिला सकें। कमरे के बाहर अंग्रेजी में बेबी फीड सेंटर व हिंदी में शिशु स्तनपान गृह अंकित किया जाए जिससे महिलाओं को यह कमरा ढूंढने में आसानी रहे। इससे महिलाओं को काफी राहत मिलेगी।

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