ट्रकों को 70 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी एवं टोल टैक्स का पड़ेगा अतिभार
ग्रैप-4 लागू होने पर राजधानी में ट्रक-भारी वाहनों की पाबंदी का असर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय की ओर से गठित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सोमवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण (ग्रैप-4) को लागू कर दिया गया है। ग्रैप-4 लागू होने के बाद दिल्ली में कई पाबंदियां लग गई हैं। इसका असर प्रदेश के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र पांवटा व सिरमौर ट्रक यूनियन के दिल्ली चलने वाले मालभाड़ा वाहनों के मालिकों पर भी पड़ेगा।
सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन अध्यक्ष बलजीत सिंह नागरा, महासचिव कुलदीप खंडूजा व पूर्व उपाध्यक्ष बलविंद्र सिंह ने कहा देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बाद ग्रैप-4 लागू होने का प्रभाव औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब पर भी पड़ रहा है।
दिल्ली सरकार ने ग्रैप- 4 लागू कर दिया है। इसके उपरांत देश की राजधानी में बीएस-3 और बीएस-4 वर्ग के भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इसका सीधा असर सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब पर पड़ रहा है क्योंकि पांवटा की औद्योगिक इकाइयों से दवा, मिनरल वाटर, वीयर, बैटरी व स्टील पाइप व पतियां समेत कच्चे माल के अलावा तैयार माल की आपूर्ति की जाती है। इसमें प्रतिदिन 60 से 70 मालवाहक ट्रक दिल्ली निकलते हैं। ये ट्रक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, द्वारिका, मायापूरी, भीवाड़ी, ओखल, गुड़गांव व फरीदाबाद जाते हैं।
सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन सचिव दीपक खंडूजा ने कहा कि दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगने से आवाजाही के साथ माल ढ़ुलाई काफी प्रभावित होगी। मजबूरन इन वाहनों को वाया उत्तर प्रदेश होकर निकलना होगा। इससे 65 से 70 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी पड़ेगी। इसके साथ ही टोल टैक्स भी करीब 2,830 से बढ़कर 3,300 तक हो जाएगा।
बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने सेे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय काफी प्रभावित होगा। ट्रक ऑपरेटरों व उद्यमियों ने कहा कि बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध से उद्योगों पर अतिरिक्त परिवहन खर्च भी बढ़ेगा।
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