- टीबी मुक्त भारत लक्ष्य के तहत 100 दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान 2.0 होगा शुरू
- 22 फरवरी को एक से 19 वर्ष के 178587 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी कृमि मुक्त दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर को एचआईवी और क्षय रोग (टीबी) मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। यह बात उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित एचआईवी एवं जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिन का विशेष स्क्रीनिंग अभियान 2.0 चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान संभावित मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार शुरू किया जाएगा, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक किया जाए, जिससे रोग का प्रारंभिक चरण में ही उपचार संभव हो सके। साथ ही लोगों को स्वेच्छा से एचआईवी जांच करवाने के लिए भी प्रेरित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि एचआईवी, टीबी मरीजों और उनके आश्रितों को सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही निशुल्क जांच व उपचार सुविधाओं के अलावा आर्थिक सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाए।
उपायुक्त ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर जिला कार्यबल की बैठक भी ली। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को जिले के 1,468 राजकीय विद्यालयों, 175 निजी विद्यालयों और 1,484 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के 1,78,587 बच्चों को कृमि मुक्त दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि निर्धारित आयु वर्ग का कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. निसार अहमद ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि जिले में 13 स्थानों पर बलगम जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त विभाग की टीमों की ओर से घर-घर जाकर संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, कल्याण विभाग सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संवाद