निर्माणाधीन एनएच 707 क्रशर व मिक्सचर प्लांट पर एसडीएम शिलाई सुरेंद्र मोहन के नेतृत्व में कार्रव
बिना एनओसी के चल रहे क्रॅशर और मिक्सचर प्लांट को किया सील
शिकायतों के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने एसडीएम शिलाई की अगुवाई में की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा एनएच-707 के फेज -3 के निर्माण में जुटी एचईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के क्रॅशर व मिक्सचर प्लांट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील कर दिया है। यह प्लांट बिना एनओसी और प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र के चल रहा था। बोर्ड ने एनजीटी के आदेश पर एसडीएम शिलाई सुरेंद्र मोहन की अध्यक्षता में कार्रवाई अमल में लाई है।
बता दें कि कुछ समय पहले एनजीटी और हाई पावर कमेटी की एक टीम ने निर्माणाधीन पांवटा साहिब- शिलाई-गुम्मा नेशनल हाईवे-707 का निरीक्षण किया था। यह हिमाचल प्रदेश का पहला ग्रीन कॉरिडोर है जिसका निर्माण जारी है।
इस निर्माणाधीन एनएच 707 के तीसरे फेज का काम एचईएस इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी कर रही है। एसडीएम शिलाई सुरेंद्र मोहन के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पांवटा साहिब के क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
शिलाई के एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने शिलाई के निकट उत्तरी व नाया खाले में चल रहे क्रॅशर व मिक्चर प्लांट को बंद करने की पुष्टि की तथा बताया कि एनजीटी और हाई पावर कमेटी को शिकायतें मिली थीं कि इन क्रॅशर प्लांट से भारी धूल मिट्टी उड़ने के कारण पर्यावरण को क्षति पहुंच रही है जिससे ग्रामीण कई तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। धूल मिट्टी से किसानों की फसलें और पशुचारा भी खराब हो रहा है। पर्यावरण पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पांवटा साहिब के क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार ने बताया कि एनजीटी और राज्य मुख्यालय के आदेश पर बगैर एनओसी चल रहे मिक्सर प्लांट और बिना प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र के चल रहे क्रॅशर प्लांट को अगले आदेशों तक सील कर दिया है।