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Sirmour News: चार मंजिला क्रिटिकल केयर सेंटर योजना भवन निर्माण कार्य शुरू

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पांवटा सिविल अस्पताल में ​क्रिटिकल केयर(ट्रामा सेंटर) का प्रस्तावित चार मंजिला भवन निर्माण कार्
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(विकास की बात)
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पांवटा साहिब में 16 करोड़ रुपये से बनाया जा रहा क्रिटिकल केयर सेंटर, लोगों को मिलेगी सुविधा
कुल 23 करोड़ बजट से भवन, आधुुनिक उपचार उपकरण और मशीनें होंगी स्थापित
केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन में बन रही है यह योजना

सुरेश तोमर

पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में 50 बिस्तरों की सुविधा वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक योजना का कार्य प्रगति पर है। ट्रॉमा सेंटर और नए भवन के लिए चिह्नित ढाई बीघा भूमि पर स्थापित हो रहा है। इसमें 16 करोड़ से चार मंजिला भवन निर्माण (सिविल वर्क) और सात करोड़ रुपये की लागत से आईसीयू समेत आधुुनिक उपचार की मशीनें और उपकरण स्थापित किए जाएंगे। दो वर्षों के भीतर इस महत्वपूर्ण योजना को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। ट्रॉमा सेंटर की तर्ज पर ही तरह योजना में भी अलग विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था होगी।
बता दें कि केंद्र सरकार की योजना आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत पांवटा साहिब में कुल 23 करोड़ लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित करने की मंजूरी मिली है। केंद्र सरकार से इस योजना के लिए बजट का प्रावधान, राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से तमाम औपचारिकताओं के बाद चार मंजिला भवन योजना का कार्य शुरू हो गया है। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर की ही तरह इसमें भी अलग विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की व्यवस्था भी होगी।
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जिला में मेडिकल कॉलेज के बाद सबसे अधिक ओपीडी 800 से 1000 वाला पांवटा सिविल अस्पताल रहता है। शिलाई, पांवटा साहिब, रेणुकाजी और नाहन विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही हरियाणा व उत्तराखंड के आसपास लगते गांवों के लोग भी उपचार को पहुंचते हैं।
स्थानीय निवासी युवा व्यवसायी सचिन वर्मा, मनिंदर सिंह मन्नी, दिनेश नेगी, पंकज भटनागर, सुरजीत सिंह, पंकज शर्मा, सचिन ओवराय व अरबाज खान का कहना है कि क्रिटिकल केयर सेंटर के बनने से हादसों में जान गंवाने व घायल होने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी। पांवटा साहिब हादसों की दृष्टि से काफी संवेदनशील रहता है। हादसों में घायल गंभीर मरीजों की जान बचाने में यह सेंटर काफी उपयोगी साबित होगा। इस योजना को समय अवधि के भीतर पूरा करने को बजट की कमी नहीं आने दी जानी चाहिए।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पांवटा साहिब दलीप तोमर ने बताया कि क्रिटिकल केयर सेंटर योजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कुल 23 करोड़ के बजट से नया भवन और उपचार के आधुनिक उपकरण स्थापित होंगे।


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इसलिए जरूरी रहा क्रिटिकल केयर-ट्रामा सेंटर
-पांवटा साहिब क्षेत्र से तीन एनएच समेत अन्य मार्गों, क्रॅशर, खनन माइनों व सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों से हादसों के सबसे अधिक मामले पहुंचते हैं। इसी कारण पिछले डेढ़ दशकों से क्रिटिकल केयर (ट्रामा सेंटर) की मांग उठती रही।
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उच्चीकरण के बाद रिक्त पद बन रहे समस्या
- सिविल अस्पताल पांवटा साहिब को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में 150 बिस्तर का अस्पताल कर दिया गया था। हालांकि उच्चीकरण के उपरांत अभी भी स्टाफ नर्सों, विशेषज्ञ चिकित्सकों व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों समेत करीब 70 पद स्टाफ के रिक्त चलने पर समस्याएं आती रहीं हैं।
संवाद

पांवटा सिविल अस्पताल में क्रिटिकल केयर(ट्रामा सेंटर) का प्रस्तावित चार मंजिला भवन निर्माण कार्

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