शिलाई (सिरमौर)। शिलाई में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। लोग पीने के पानी के लिए यहां-वहां भटक रहे हैं। क्षेत्र में गर्मी पड़ने में दो माह का समय है। बावजूद इसके शिलाई में अभी से पानी की भारी किल्लत शुरू हो गई है। लोगों की इस समस्या पर विभाग ध्यान भी नहीं दे रहा है जिससे स्थानीय लोगों में विभाग व सरकार के प्रति गहरा रोष उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग को ताला जड़ने की धमकी दे डाली है। शिलाई की प्यास बुझाने का काम शिलाई उठाऊ पेयजल योजना करती है जो कि शिलाई सहित अन्य पांच गांवों को भी पानी की आपूर्ति करती है। यह योजना 70 के दशक में 500 परिवारों के 2500 लोगों के लिए बनी थी। आज क्षेत्र में 15 हजार परिवार के 50 हजार से भी ज्यादा बाशिंदे यहां रह रहे हैं। इस कारण यह योजना बीच-बीच में हांफ जाती है। अधिकतर समय में इस योजना में रिपेयर का कार्य ही चला रहता है। इस कारण आए दिन लोगों को जो थोड़ा बहुत पानी मिलता भी है वह भी नहीं मिल पाता। पिछले कई दिनों से इस योजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शिलाई बाजार के विरेंद्र, प्रियंका, मनीष ठाकुर, दौलत राम, नागो देवी, धर्मी देवी, आशा देवी, कलावती, रामभज, रक्षा शर्मा, मनीषा, नरेंदर सिंह, मोहन सिंह, धनवीर चौहान, रतन सिंह, श्याम सिंह, मोनिका शर्मा, गुलशन, रवीना, अंजना, सुमन, काजल, प्रीति, ललिता देवी, अंशिता देवी, संतोष देवी, बबली, सचिन, अमित कुमार, विक्रम ठाकुर, कमलेश ने बताया की वह पानी की समस्या को लेकर विभाग के खिलाफ कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। कई बार नई पेयजल योजना तैयार करने की भी मांग की गई लेकिन उनकी इस मांग पर न तो विभाग ध्यान दे रहा है न ही सरकार।
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व एसडीएम विकास शुक्ला ने कुराया से शिलाई के लिए पानी की स्कीम तैयार करने की योजना बनाई थी लेकिन यह योजना राजनेताओं के षडयंत्र की बलि चढ़ गई। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ग्रामीणों न%E