पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा की अदालत ने बाइक और मोबाइल चोरी मामले का अभियोग साबित होने पर एक व्यक्ति को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सितंबर 2009 को देवीनगर में चोरी की वारदात हुई। पांवटा पुलिस ने चोरी हुए मोबाइल की ईएमआई के आधार पर आरोपी दबोचा था। दोषी पाए जाने पर अदालत ने उसे 2 वर्ष की कैद और 8000 रुपये जुर्माना की सजा हुई। शुक्रवार को एसीजेएम न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश डॉ. परविंद्र सिंह अरोड़ा की अदालत ने मुलजिम अनिल कुमार को सजा सुनाई।
सहायक जिला न्यायवादी राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि 17 सितंबर 2009 को देवीनगर में चोरी हुई। गाजियाबाद के तहसील एवं थाना हापुड़ के ग्राम शवली निवासी भूपेश त्यागी पुत्र महेंद्र सिंह त्यागी के हाल स्वास्तिक इंटरप्राईजिज देवीनगर ने पांवटा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई।
शिकायत में कहा कि 17 सितंबर की रात को अपनी बाइक रात को मकान के बाहर आंगन में खड़ी कर दी। चाबी अपने कमरे के मेज पर रखी थी। साथ ही 3 मोबाइल भी सोते वक्त मेज पर ही रख दिए लेकिन रात को सोते वक्त दरवाजे में चिटकनी लगानी भूल गया। 18 सितंबर 2009 की सुबह उठकर पाया कि 3 मोबाइल व बाइक चोरी कर कोई ले गया। इसकी शिकायत पांवटा थाने में कर दी गई। पुलिस जांच टीम ने शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी। तफ्तीश के दौरान चोरी हुए मोबाइल के ईएमआई नंबर के आधार पर पुलिस ने चोर को दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से 3 चोरी के मोबाइल व बाइक भी बरामद हुई। तहकीकात करने पर शिलाई थाना के कुंहट निवासी मुलजिम अनिल कुमार पुत्र दौलत राम को दोषी पाया गया। शुक्रवार को अदालत ने इस मामले में दोषी अनिल कुमार को आईपीसी की धारा-457 व 380 के तहत 2-2 वर्ष सजा व 2500-2500 रुपये सजा। जबकि, आईपीसी की धारा-379 में एक वर्ष की कैद व 3000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।