एक मरीज की शिकायत पर महिला डॉक्टर को फोन कर विधायक ही फंस गए हैं। महिला डॉक्टर ने 1090 पर फोन कर उन पर अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। महिला डॉक्टर ने पूरे मामले की जानकारी एसआईसी को भी दी है।
खजनी क्षेत्र के कैथवलिया की प्रियंका पांडेय को प्रसव पीड़ा होने पर बृहस्पतिवार की शाम को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने गर्भवती को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। शुक्रवार को महिला के तीमारदार के रूप में अधिवक्ता रणधीर तिवारी पहुंचे। घरवालों ने उन्हें अस्पताल में हो रही परेशानियों की जानकारी दी। अधिवक्ता ने पूरे मामले की जानकारी खजनी के भाजपा विधायक संत प्रसाद को दी। मरीज की पैरवी के लिए विधायक ने अधिवक्ता के फोन से ही ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सुषमा से बात की। दोनों के बीच बातचीत गर्मागरम बहस में तब्दील हो गई। डॉक्टर ने मामले की शिकायत एसआईसी व 1090 पर की।
डॉ. सुषमा ने बताया कि वह अस्पताल में दो बजे ड्यूटी पर आईं। इमरजेंसी में पहले से ही महिला मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी बीच मरीज प्रियंका के एक तीमारदार ने अपना फोन देते हुए कहा कि खजनी के विधायक बात करेंगे। विधायक फोन पर ही तत्काल उस महिला मरीज को देखने का दबाव बनाने लगे। मैंने उन्हें बताया कि मेरे सामने कई महिला मरीज खड़ी हैं। उन्हें देखने के बाद जाऊंगी तो वह अपशब्द कहने लगे। हालांकि, विधायक ने किसी अभद्रता से इनकार किया है।
फोन पर ही महिला के तीमारदारों ने अस्पताल में बरती जा रही लापरवाही की जानकारी दी तो मैंने डॉक्टर को परिचय देते हुए यह सब बताया। कोई अभद्रता या अपशब्द की बात ही नहीं है। जनता की सेवा करने की जगह वसूली की जा रही थी और इस बारे में बात करने पर गलत आरोप लगाया गया है। डॉक्टर के व्यवहार की शिकायत मैंने महिला अस्पताल के एसआईसी से भी की।
- संत प्रसाद, भाजपा विधायक, खजनी