शिलाई (सिरमौर)। पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला शिलाई-2 के नौनिहालों ने सोमवार को झूठी थालियां लेकर आईपीएच कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान नन्हेें बच्चों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
जानकारी के अनुसार उक्त स्कूल में 6 माह से पानी की बूंद नहीं टपकी है। विद्यालय की पेयजल लाइन में 6 माह से पानी नहीं आया है। आलम यह है कि मध्याह्न भोजन पकाने के लिए थोड़ा-बहुत पानी यहां-वहां से लेकर गुजारा चलाया जा रहा है। आलम यह है कि कई बार तो बच्चों को दिए जाने वाले चावल कच्चे ही रह जाते हैं। स्कूल के शौचालय भी बंद पडे़ हुए हैं।
पिछले 6 माह से पानी की किल्लत से जूझ रहे स्कूली बच्चों का गुस्सा सोमवार को उस समय उफान पर पहुंच गया जब मध्याह्न भोजन करने के बाद उन्हें हाथ धोने तक का पानी नसीब नहीं हुआ। इसके बाद स्कूली बच्चों ने अभिभावकों की अगुवाई में झूठी थालियां उठाई और आईपीएच कार्यालय आ धमकें। यहां झूठी थालियों के साथ उन्होंने विभाग के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया।
स्कूल प्रभारी तुलसीराम, एसएमसी अध्यक्षा सुक्खा देवी, राजेंद्र सिंह, छुका देवी, नारो देवी, सुनीता, सतपाल राणा, श्यामा ठाकुर, सुरतो देवी, श्यामा देवी, आशा देवी, जैंती देवी, वीनो देवी, हजारी लाल, कुंदन सिंह, लीला देवी ने बताया कि स्कूल में पानी की समस्या को देखते हुए स्थानीय एसडीएम के निर्देशों पर आम सभा में एक प्रस्ताव पारित कर आईपीएच कार्यालय को पीने के पानी की कमी को दूर करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके उपरांत कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से पानी की कमी के बारे में बताया गया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को ऐसे प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई थी लेकिन विभागीय अधिकारी फिर भी अपनी नींद से नहीं जागे। इसके चलते यह रोष प्रदर्शन करना पड़ा। स्कूल प्रभारी तुलसीराम ने बताया कि विभाग को कई बार प्राथमिक स्कूल की पेयजल समस्या दूर करने के लिए इसे सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रवाह पेयजल लाइन से जोड़ने की मांग की गई है जिसे विभाग आज तक पूरा नहीं कर पाया है।
उधर, विभाग के कनिष्ठ अभियंता परमजीत सिंह चौधरी ने बताया कि विभागीय कर्मियों को मौके पर भेजा जा रहा है। स्कूल तक पानी क्यों नहीं पहुंच रहा है। इसकी जांच कर समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा।