नाहन (सिरमौर)। द त्रिलोकपुर ग्राम सेवा सहकारी सभा समिति में हुए कथित गबन का आंकड़ा 2.47 करोड़ रुपये पहुंच गया है। सभा के दो कर्मियों ने आम लोगों की गाढ़ी कमाई को बड़े ही अनोखे ढंग से ठिकाने लगाया। इस मामले में सभा के प्रशासक ने सचिव रमेश व सहायक सचिव विशाल के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया है। बता दें कि सचिव को कुछ महीने पहले ही निलंबित कर दिया गया था। सहकारी सभा ने अपना ऑडिट जारी रखा है। खुलासा हुआ है कि सहकारी सभा में 2 करोड़ 47 लाख 94 हजार की राशि का गबन हुआ है।
निलंबित सचिव ने जनता के पैसों का गबन करने के लिए कई ऐसे तरीके अपनाए जो चौंकाने वाले हैं। जनता के धन को खाते में जमा करने की बजाए इस धन का उपयोग खुले बाजार में सूद पर देने के लिए किया गया। शनिवार को कालाअंब पुलिस में सभा के प्रशासक रामचंद की शिकायत पर आईपीएस की धारा 409 व 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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शिकायत में हुआ यह खुलासा
सभा के प्रशासक के मुताबिक सभा में रमेश सिंह की तैनाती 1 फरवरी 1984 को की गई थी। जबकि, सहायक सचिव विशाल को 1 अप्रैल 2013 को तैनाती दी गई थी। सहकारी सभा द्वारा अपने सदस्यों को ऋण जारी करने व अमानतों के लेन-देन व उपभोक्ता वस्तुओं के क्रय-विक्रय का कार्य किया जाता है।
उपभोक्ताओं की राशि के दुरुपयोग के मामले में सचिव को 20 मार्च 2017 को निलंबित किया गया था। दरअसल कारनामा यह भी है कि सभा के सदस्यों द्वारा ऋण लिया जाता है, जिन्होंने अपनी समय पर ऋण अदायगी कर दी थी लेकिन सचिव द्वारा इसे लंबित ही दर्शाया जा रहा था। बहरहाल, पुलिस ने निलंबित सचिव रमेश सिंह के अलावा सहायक सचिव विशाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उधर, कालाअंब पुलिस थाना के एसएचओ योगिंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच एएसआई के सौंप दी है। उन्होंने बताया कि मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है।