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छोटे नोट न होने से बढ़ी लोगों की दिक्कतें

Sat, 17 Dec 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला ददाहू (सिरमौर)।
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एचडीएफसी बैंक की मुख्य शाखा स्थित एटीएम पर लगी कतार।
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ददाहू (सिरमौर)। नोटबंदी के संकट से जूझ रहे लोगों को अब दो हजार के नोट के खुले हासिल करने के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। बैंकों में लोगों को दो हजार का नोट तो मिल रहा है लेकिन, सामान खरीदने के लिए छोटे नोट का झंझट उत्पन्न हो गया है। कोई भी दुकानदार खुले देने को राजी नहीं है। कुछ दुकानदारों ने अवश्य अपने दैनिक जरूरतों के हिसाब से छुट्टे पैसों का इंतजाम कर रखा है।


अधिकतर दुकानदार ग्राहक को दो हजार के खुले पैसे देने को तैयार नहीं है। ऐसे में लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए दाल-सब्जी आदि खरीदारी करने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यही नहीं खुले पैसों को लेकर यात्रियों एवं परिचालकों में भी बहस देखने को मिल रही है। खुले पैसे न होने का फायदा उठा कर कुछ लोग फ्री में ही सफर का मजा ले रहे हैं।
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 नोटबंदी के बाद छोटे नोटों का अकाल पड़ गया है। लोग विवश होकर पेट्रोल पंप आदि में किसी तरह से जुगाड़ भिड़ा कर दो हजार की चेंज ले रहे हैं जिससे उनका सब्जी व दैनिक जरूरतों की खरीदारी हो रही है।
उपभोक्ता विमला शर्मा, सुमित्रा भारद्वाज, कपिल ठाकुर, सुमन शर्मा, मोहीराम पुंडीर आदि ने कहा कि नोटबंदी के कारण पैसों के लिए यहां वहां भटकना पड़ रहा है। कोई भी खुले पैसे देने को तैयार नहीं। कई बार तो मजबूरी में पूरे दो हजार का सामान ही लेना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द 500 के नए नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाएं जाएं।
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10 के सिक्के भी बने परेशानी का सबब
बाजार में 10 के सिक्कों की अचानक भरमार हो गई है। खुले पैसों के नाम पर बैंक 10 के सिक्के थमा रहा है। लोगों की जेबों में 10 के सिक्के ही दिखाई दे रहे हैं। कुछ दुकानदार नकली सिक्कों के भय से 10 के सिक्के लेने से आनाकानी भी कर रहे हैं जिससे तकरार हो रही है। दुकानदार 10 के सिक्कों से तौबा करने लगे हैं लेकिन सिक्के हैं कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहे।
 
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