नाहन (सिरमौर)। 500-1000 रुपये के नोट बंद होने का असर अब बैंकों पर भी दिखने लगा है। सिरमौर जिले में एक तरह से आर्थिक संकट गहरा गया है। बैंकों में कैश की लिमिट कैश होने से ग्राहकों को पूरा भुगतान नहीं हो पा रहा है। वहीं, कई एटीएम भी ठन-ठन गोपाल हो गए हैं। नाहन शहर को ही लें तो यहां पर खोले गए एक दर्जन एटीएम में से महज दो-तीन ही कार्य कर रहे हैं। रविवार को सहकारी बैंकों में कैश उपलब्ध नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को भी हालात ऐसे ही रहे जिस वजह से पुराने नोट बदलने तो दूर लोगों को बैंक में जमा की गई अपनी ही राशि तक मांग के अनुरूप नहीं मिल रही। सबसे अधिक असर सहकारी बैंकों में देखने को मिल रहा है।
सिरमौर जिले के छोटे बैंकों में पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। सहकारी और ग्रामीण बैंकों में आर्थिक संकट गंभीर चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए बैंकों में तो कैश देना ही बंद हो गया है। जबकि नाहन शहर की मुख्य शाखा में भी आज कैश नहीं होने की वजह से भुगतान नहीं हो पाया। यहीं हालात पांवटा की भी है। पांवटा के तहत आने वाले सहकारी बैंकों में कैश की भारी दिक्कत चल रही है। सिरमौर मुख्य शाखा के तहत कुल 18 शाखाएं आती हैं। जबकि पांवटा के तहत 11 शाखाएं हैं। शिलाई, सतौन, ददाहू, राजगढ़, सराहां में आज कैश उपलब्ध नहीं हो सका। जो कैश मिला था वह सुबह-सुबह की खत्म हो गया। नाहन की मुख्य शाखा में भी दोपहर के बाद कैश नहीं मिल सका जिससे लोगों को भारी दिक्कतें हुई।
ग्रामीण बैंकों का भी यही हाल है। यहां लोगों के पुराने नोट एक्सचैंज नहीं किए जा रहे। हालांकि, पुराने नोट बैंक खाते में जमा किए जा रहे हैं। सहकारी बैंक के सीनियर मैनेजर आरके चौहान ने बताया कि उन्हें बैंक एसबीआई से कैश मिल रहा है। पिछले तीन दिनों में उन्हें जो कैश मिला था वह नाकाफी है। अब तक बैंक से छह करोड़ रुपये की डिमांड की गई है लेकिन बैंक को 80-85 लाख रुपये मिला है।
उधर, एसबीआई के प्रबंधक रविकांत शर्मा ने बताया कि तीन दिनों में सहकारी बैंक को करीब 87 लाख रुपये दिए गए हैं जो अन्य बैंकों से अधिक है। बैंक के पास जितना धन है वह सभी बैंकों को दिया जा रहा है ताकि ग्राहकों को दिक्कतें न हों।
-------------
बॉक्स के लिए---
1. चंद घंटों में खाली हो रहे एटीएम
एटीएम मशीनों में अभी तक बड़े नोट नहीं डाले जा सके हैं। इस वजह से छोटे नोटों से ही काम चलाया जा रहा है। इसका असर यह है कि चंद घंटों में ही एटीएम में कैश खत्म हो रहा है जिस वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि हर दो घंटे के बाद एटीएम में कैश खत्म हो रहा है जिसे पुन: डालने में भी समय लग रहा है।
---
2. कर्मचारियों को भी हो रही परेशानी
पुराने नोट बंद होने के चलते आम जनता ही नहीं बल्कि बैंकों के कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। सुबह से लेकर देर शाम तक कर्मचारी अपनी सीट पर डटे रहने को विवश हैं। लंच के लिए तक समय नहीं मिल पा रहा। हालांकि, बैंक के अधिकारियों का कहना है कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।
----
3. पूरा दिन गुजारा, फिर भी हाथ खाली
शहर के रजनीश ने बताया कि वह पूरा दिन एटीएम के बाहर लाइन में लगे रहे। लगभग तीन घंटे तक लाइन में लगने के बाद जब उनका नंबर आया तो कैश खत्म था। इस वजह से उन्हें मायूस होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। कालाअंब में कार्यरत कामगार सुनील देसाई के अनुसार बैंक में नोट बदलने गए। कुछ बैंकों ने तो बदलने की बजाए खाते में जमा करने की बात कही। जबकि एक जगह बदले तो चार की बजाय तीन हजार के ही बदले गए। उसमें भी एक हजार के दस-दस रुपये के सिक्के पकड़ा दिए।
-----------संजय भारद्वाज
-सचित्र
कैश खत्म, गेट पर लगाई सूचना
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र के सराहां स्थित सहकारी बैंक की शाखा में कैश खत्म हो गया है। एसबीआई चेस्ट से नोट नहीं मिलने का हवाला देकर ग्राहकों को कैश का भुगतान रोक दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने गेट पर इसकी सूचना चिपका दी है। इससे लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ी। दूरदराज से कैश निकालने आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि आजकल क्षेत्र में शादियों का दौर है जिस कारण लोगों को पैसों की जरूरत है। बैंक में आए गीता देवी, सुमित्रा देवी, चंचल देवी, नरेंद्र, देवराज, प्रकाश आदि ने बताया कि पैसे नहीं मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। वरिष्ठ शाखा प्रबंधक जगदीश शर्मा ने बताया कि नाहन एसबीआई चेस्ट से पैसा नहीं मिल रहा। लिहाजा, कैश देने में बैंक असमर्थ है। हालांकि, बैंक में पुराने नोट खाते में जमा किए जा सकते हैं।
------------------------------