नाहन (सिरमौर)। सिरमौरी ताल में एक खड्ड में मिले नेत्र और बबली के शव मिलने के मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस ने दो टूक कहा है कि यह हत्या का मामला नहीं है। दोनों की मौत पानी में डूबने से हुई है। ऐसे में मामले में आत्महत्या के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस अभी मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस अधीक्षक सिरमौर सौम्या साम्बशिवन ने बुधवार शाम इसका खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बबली और नेत्र के शव मिलने के बाद से ही पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। इसीलिए दोनों के शवों को पोस्टमार्टम आईजीएमसी शिमला में करवाया गया। बुधवार को इसकी रिपोर्ट पहुंची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ लिखा है कि दोनों की मौत पानी में डूबने से हुई है। यानी दोनों को मारने के बाद पानी में नहीं फेंका गया था। बल्कि पानी में ही उनकी मौत हुई।
एसपी ने कहा कि इस मामले में हत्या की अफवाहें फैलाई जा रही हैं जो सरासर गलत है। यह भी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
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कैंडल मार्च निकाला, मौत को हत्या बताया
सतौन (सिरमौर)। सिरमौरी ताल के समीप एक खंड में मिले नेत्र और बबली के शव मामले में ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शिलाई में बबली के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा निकाले गए कैंडल जुलूस के बाद मंगलवार देर शाम सतौन में भी कैंडल मार्च निकाला गया जिसमें भारी संख्या में पुरुष और महिलाएं शामिल हुईं। ग्रामीणों ने शक जताया है कि यह हत्या का मामला है। लिहाजा, इस मामले में पुलिस को गहन छानबीन करनी चाहिए। ग्रामीणों ने पहाड़ी गली से होते हुए बस स्टैंड तक मार्च किया गया। इस दौरान युवकों और महिलाओं ने दोनों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की।