शिलाई/राजगढ़ (भास्कर)। शिलाई वन परिक्षेत्र की आरक्षित वन भूमि पर कब्जा जमाए बैठे लोगों की अब खैर नहीं। वन विभाग ने अवैध कब्जाधारियों पर शिकंजा कसते हुए कब्जे हटाने की मुहिम छेड़ दी है। बुधवार को विभाग ने आरक्षित वन भूमि पर किए गए दो कब्जों को हटा दिया। यहां पर दो मकान तोड़े गए। जबकि जमीन से भी कब्जे हटा दिए गए। इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग ने यह कार्रवाई पुलिस व राजस्व कर्मियों के सहयोग से की। जानकारी अनुसार पंजाड़ निवासी नैन सिंह पुत्र धोंगूराम व कुकडेच निवासी बंसीराम पुत्र मोही राम ने काफी अर्से पहले वन विभाग की आरक्षित भूमि पर कब्जा जमाते हुए खेत व मकान निर्मित कर लिए थे। इसकी भनक जब वन विभाग को लगी तो उसके होश उड़ गए थे। विभागीय कर्मी कुछ समय पहले से इस अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटे थे।
बुधवार को वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने पुलिस व राजस्व विभाग के कर्मियों को साथ लेकर मौका स्थल का दौरा किया और अवैध कब्जा जमाए बैठे दोनों व्यक्तियों को खदेड़ दिया। डीएफओ रेणुका सुशील राणा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वन परिक्षेत्र की आरक्षित भूमि पर कब्जा जमाए बैठे नैन सिंह व बंसी राम से भूमि खाली करवा ली गई है। उन्होंने बताया कि इन दोनों ने विभाग की भूमि पर अवैध रूप से न केवल खेती करनी शुरू कर दी थी बल्कि मकान भी बना लिए थे। उन्होंने बताया कि किसी भी अवैध कब्जाधारी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर जमीन को खाली करवाया जाएगा।
उधर, राजगढ़ इलाके में भी विभाग ने कार्रवाई छेड़ दी है। दुर्गम वन क्षेत्र में कर्मचारी कब्जा हटाने गए थे। विभाग निशानदेही में जुट गया है।