पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा थाना के अंतर्गत रामपुरघाट के दवा उद्योग में हुई युवक की संदिग्ध मृत्यु के मामले मे पुलिस ने उद्योग प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, युवक की मृत्यु की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन बताया जा रहा है कि करंट लगने से युवक की मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृत्यु के सही कारणों का पता चल सकेगा।
शुक्रवार देर शाम ग्रामीणों द्वारा पांवटा के वाई प्वाइंट पर शव रखकर प्रदर्शन करने के बाद पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई अमल में लाई है। जबकि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
गौरतलब है कि ग्राम अजौली निवासी अरुण कुमार (24) पुत्र प्रेम सिंह रामपुरघाट की निर्माणाधीन एक दवा इकाई में नौकरी करता था। शनिवार को इकाई की ऊपरी मंजिल में वायर फिटिंग के दौरान हादसा हुआ। अचानक जोर से गिरने की आवाज आई। अन्य साथी सौरभ व धर्म सिंह मौके पर पहुंचे। घायल अवस्था में युवक को अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया लेकिन ग्रामीणों ने मौत पर संदेह जताया। साथ ही इकाई प्रबंधन की तरफ से किसी के नहीं पहुंचने पर आक्रोश जताया। इकाई प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करने की मांग रखी गई।
एसपी सौम्या साम्बशिवन, एसडीएम पांवटा एचएस राणा, डीएसपी भीष्म ठाकुर व एसएचओ अशोक चौहान ने मौके पर पहुंच कर आक्रोशित जनता को समझाया। काफी मशक्कत करने के बाद परिजनों व ग्रामीणों को हटाया जा सका। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में पुलिस ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भादंसं की धारा 304(ए) तथा 336 के तहत मामला दर्ज किया है। डीएसपी पांवटा भीष्म ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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इकाईयों में लापरवाही से हो रहे हादसे
पांवटा साहिब(सिरमौर)। मजदूर नेता प्रदीप चौहान का कहना है कि क्षेत्र में संचालित इकाइयों में कामगारों की सुरक्षा प्राथमिकता पर रखी जाए। हर वर्ष इकाई प्रबंधन की लापरवाही से दर्दनाक हादसे हो रहे हैं जिसमें स्थानीय व बाहरी राज्यों के कामगार जान गवां रहे हैं। शुक्रवार को अजौली के युवक की दर्दनाक मौत हो गई। इस मामले की उचित जांच होना जरूरी है जिससे ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो। इकाई के प्रबंधन वर्ग को सुरक्षा की दृष्टि से उचित कदम उठाने चाहिए। समय समय पर औद्योगिक इकाईयों में औचक निरीक्षण जरूरी है जिससे किसी भी तरह लापरवाही का पता चल सकें।
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