इंश्योरेंस के नाम पर महिलाओं के 11-11 सौ रुपये लेकर एक निजी कंपनी फरार हो गई है। करीब 30 महिलाएं ठगी की शिकार हुई हैं। कथित इंश्योरेंस कंपनी ने महिलाओं को 1100 के बदले उनके अकाउंट में 50 हजार रुपये जमा करवाने का झांसा दिया था। पिछले काफी समय से कंपनी के कुछ कर्मचारी महिलाओं से इंश्योरेंस के नाम पर पैसे ऐंठने में लगे थे। इसका खुलासा तब हुआ जब महिलाएं वीरवार को बैंक पहुंची। अ
भी तक महिलाओं के अकाउंट में 50 हजार की रकम जमा नहीं हुई है। अब कंपनी के सभी कर्मचारियों के मोबाइल स्विच आफ चल रहे हैं। धोखाधड़ी की शिकार हुई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बताई जा रही है। यह संख्या सैकड़ों महिलाओं में भी हो सकती है। बहरहाल, पुलिस ने शिकायत मिलने पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पांवटा क्षेत्र में महिलाओं के समूहों से हजारों की नकदी लेकर एक निजी कंपनी फरार हो गई है। महिलाओं को कंपनी ने पहले 50 हजार की नकदी अकाउंट में जमा कराने का झांसा दिया। फूलपुर पंचायत के ग्राम बांगरन की महिलाओं रिजवाना, सलोचना दवी, ममता, रविता, सुनिता, रजनी देवी, शालू, मीनू, वीना, हमिदा, कनिजा, सुदेश, मीनू, रेशा, ममदोश समेत दर्जनों महिलाओं ने बताया कि उनके हजारों रुपये ऐंठकर कंपनी फरार हो गई है।
कुछ महीने से एक निजी फाइसेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर 4 युवक क्षेत्र में घूम रहे थे। इन्होंने बद्रीपुर के पास किराया का कमरा ले रखा था। वहीं से गांव में आकर फाइनेंस कंपनी से जुड़ने के नाम पर महिलाओं से 11-11 सौ रुपये एकत्रित किए। महिलाओं को झांसा दिया कि इस राशि के बदले 30 मार्च को उनके अकाउंट में 50 हजार राशि जमा हो जाएगी। वीरवार को महिलाएं पहले बैंक पहुंची।
महिलाओं की शंका तब विश्वास में बदली जब महिलाओं को बद्रीपुर में किराये के कमरे में रह रहे चारों कर्मचारी कमरा छोड़ फरार मिले। उसके बाद इस भवन के मकान मालिक के साथ महिलाएं शिकायत दर्ज करवाने पांवटा थाने में पहुंची। शिकायतकर्ता महिलाओं ने बताया कि इन कर्मचारियों ने बांगरन में महिलाओं के दो समूहों के अलावा मानपुर देवड़ा व अमरकोट में चल रहे एसएचजी से जुड़ी महिलाओं के पैसे ऐंठ लिए हैं।
उधर, थाना प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि महिलाओं की शिकायत पर आगामी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि महिलाओं ने संबंधित कंपनी की रसीदें भी दिखाई हैं। लिखित शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।