नाहन (सिरमौर)।
डबल हेलमेट को लेकर पुलिस सतर्क है। बाइक पर सवार दोनों ने हेलमेट नहीं पहना है तो सीधा चालान भुगतना पड़ेगा, लेकिन पुलिस की यह सख्ती शहरी क्षेत्र तक ही सिमट कर रह गई है। नाहन शहर में चल रही यह सख्ती दुर्घटना के लिहाज से सराहनीय भी है लेकिन विभिन्न नेशनल हाईवे को एक तरह से राम भरोसे छोड़ दिया गया है।
दुर्घटना के लिहाज से अति संवेदनशील माने जाने वाले नेशनल हाईवे पर नियमित रूप से पुलिस की कार्रवाई नहीं हो रही। नेशनल हाईवे पर डबल हेलमेट तो दूर लोग बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हैं। बाइक पर ट्रिपलिंग भी बेरोकटोक हो रही है।
डबल हेलमेट नहीं पहनने वालों के शहर में धड़ाधड़ चालान हो रहे हैं। किसी को लिफ्ट देना या बच्चों को स्कूल छोड़ना तक लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। जबकि नेशनल हाईवे पर किसी तरह का अंकुश नहीं लगाया जा रहा।
कालाअंब इलाके में लोग बिना हेलमेट के बाइक दौड़ा कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। नाहन-शिमला नेशनल हाईवे का भी यही हाल है। ‘अमर उजाला’ ने नेशनल हाईवे का रुख किया तो बिना हेलमेट के कई मामले सामने आए। यहां तक कि ट्रिपल राइडिंग का भी नेशनल हाईवे पर नजारा देखने को मिला। हालांकि, समय-समय पर पुलिस नेशनल हाईवे पर भी नाके लगाकर चालान करती है लेकिन दुर्घटना के लिहाज से अति संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में बिना हेलमेट बाइक चलाना खतरे से खाली नहीं है। कालाअंब, धौलाकुआं और नाहन-शिमला नेशनल हाईवे पर वाहन दुर्घटना के कई मामले भी सामने आ चुके हैं।
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नेशनल हाईवे पर हो सख्ती
पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर कोई खुलकर नहीं बोल रहा लेकिन कई लोगों का कहना है कि कम से कम शहर में डबल हेलमेट में रियासत मिलनी चाहिए। तर्क यह दिया जा रहा है कि दुर्घटनाएं रोकने के मकसद से नेशनल हाईवे पर इस तरह की सख्ती की जानी जरूरी है।
नियम तोड़ने वालों पर होती है कार्रवाई : डीएसपी
डीएसपी मुख्यालय बवीता राणा ने कहा कि पुलिस समय-समय पर नेशनल हाईवे पर भी नाके लगा रही है। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने माना कि नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाएं अधिक होने के कारण फोकस करने की जरूरत है। पुलिस लोगों को जागरूक भी कर रही है।
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