अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र की जरग पंचायत में हुए विकास कार्यों में अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान पर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत विजिलेंस को की गई है। उधर, पंचायत प्रधान ने तमाम आरोपों को निराधार बताया है।
ग्रामीण नारायण सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, इंद्र सिंह, बलबीर सिंह, रघुवीर सिंह आदि ने बताया कि जरग पंचायत में तैयार हुई विभिन्न विकास योजनाओं में कथित तौर पर धांधली बरतकर सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया गया है। बघार से शुमाइला तक सड़क के निर्माण कार्य में साढ़े चार लाख रुपये की राशि खर्च किए जाने के बावजूद सड़क का कार्य अधर में लटका हुआ है।
बघार से आलियां तक सड़क निर्माण में पांच लाख रुपये की राशि खर्च होने के बावजूद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को इन संपर्क मार्गों का लाभ नहीं मिला। इसके अतिरिक्त चौदहवें वित्तायोग के अंतर्गत मिले 18 लाख रुपये की राशि को पंचायत प्रधान ने कथित तौर पर पुरानी योजनाओं पर ही लीपापोती कर नए विकास कार्यों में दर्शा दिया जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने आरटीआई के तहत एकत्रित करके प्रधान पर सरकारी धन हड़पने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रधान द्वारा बरती गई अनियमितताओं व 27 लाख रुपये की हेराफेरी की जाने की शिकायत लोकपाल, जिला उपायुक्त व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी सौंपी है जिसमें ग्रामीणों ने इस कथित घोटाले की जांच किए जाने की मांग की है।
उधर, जरग पंचायत के प्रधान पूर्ण चंद ने आरोपों को निराधार करार देते हुए बताया कि विकास के सभी कार्य ग्रामीणों की सहमति से नियमानुसार ही किए गए हैं। विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि के पुख्ता बिल व वाउचर उनके पास सुरक्षित हैं। कुछ लोग उनको जानबूझ कर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। सभी शिकायतें निराधार हैं।
--पंचायत प्रधान पर 27 लाख के घोटाले का आरोप
--ग्रामीणों ने विजिलेंस को सौंपी शिकायत, जांच की मांग
पंचायत प्रधान ने ग्रामीणों के आरोपों को बताया निराधार