राजगढ़ (सिरमौर)।
राजगढ़ पुलिस की ओर से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चलाई गई मुहिम रंग लाने लगी है। हादसों से भरी सोलन-नेरीपुल सड़क पर बीते साल बहुत कम लोगों की जानें दुर्घटनाओं में गईं। जबकि, आंकड़े बताते हैं कि इससे पहले इस सड़क पर दर्जनों लोग सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। इस सड़क पर ज्यादातर हादसे शराब पीकर वाहन चलाने के कारण होते थे। अभी तक ट्रक व जीपों के हादसे अधिक होते रहे हैं। यह अधिकतर दुर्घटनाएं रात के समय होती रही हैं, क्योंकि इस दौरान चालक नींद व नशे के प्रभाव में रहते हैं।
वर्ष 2016 में इस मार्ग पर 26 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 31 लोगों की मृत्यु हुई और 44 लोग घायल हुए। वर्ष 2017 में इन सड़क दुर्घटनाओं में थोड़ी कमी आई। 25 सड़क हादसों में 17 लोगों की जानें गईं और 9 लोग घायल हुए। वर्ष 2018 में इसमें अप्रत्याशित कमी दर्ज की गई और दो दर्जन हादसों में मात्र पांच लोगों की जानें गईं और 11 लोग घायल हुए। वर्ष 2018 में तकनीकी कारणों से एक निजी बस का हादसा अवश्य हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। जबकि, 13 घायल हुए थे। यह दुर्घटना तकनीकी खराबी के चलते दिन में हुई थी।
इस सड़क मार्ग में पुलिस प्रशासन द्वारा शराब पीकर वाहन चलाए जाने के विरुद्ध चलाए अभियान से हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या में बहुत कमी आई है। यही नहीं, गत वर्ष इस मार्ग में फटी पटेल के पास पुलिस चौकी भी खोली गई थी। उसका भी असर देखने को मिला। डीएसपी दुष्यंत सरपाल ने बताया कि पुलिस के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के सहयोग से इस मुहिम को सफलता पूर्वक चलाया जा सका है। थाना प्रभारी बलवंत कंवर व मुख्य आरक्षी राकेश कुमार का मुहिम में योगदान सराहनीय रहा। जबकि, अन्य अधिकारियों व कर्मियों ने भी दिन-रात एक कर जो कार्य किया, उससे हादसों में मरने वालों की संख्या में आई भारी कमी से पुलिस भी उत्साहित है और यह मुहिम जारी रखी जाएगी।