अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा में एक उद्यमी से पुलिस अधिकारी द्वारा की गई कथित अभद्र व्यवहार की जांच शुरू हो गई है। एसपी सिरमौर के माध्यम से इस मामले की रिपोर्ट शिमला भेजी गई थी। इसके बाद मंगलवार शाम को शिमला से डीएसपी रैंक के जांच अधिकारी की टीम पांवटा पहुंच गई। इस मामलेे में टीम ने होटल व्यवसायी, पीड़ित उद्यमी व एसएचओ के बयान दर्ज किए हैं। टीम इस रिपोर्ट को जल्द डीजीपी शिमला को भेजेगी।
बता दें कि पांवटा में एक होटल की खरीद फरोख्त को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है। इस मामले में एक स्थानीय उद्योगपति को भी पूछताछ के लिए पांवटा पुलिस थाने में लाया गया था। पूछताछ के दौरान उद्यमी रामलाल कच्छावा को दिल का दौरा पड़ गया था। इसके बाद उद्यमी को देहरादून में एक अस्पताल भर्ती करवाया गया है, जहां वह अभी भी उपचाराधीन हैं।
मंगलवार को पहुंची टीम ने देहरादून जाकर सबसे पहले पीड़ित उद्यमी के बयान दर्ज किए। सभी पक्षों के बयान लेने के बाद जांच टीम रिपोर्ट डीजीपी को सौंपेगी।
हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स पांवटा इकाई व उद्यमी के परिजनों ने एचएचओ पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। एसपी सिरमौर ने इस मामले का कड़ा संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई भी अमल में लाई। साथ ही एएसपी सिरमौर विनोद धीमान को इस मामले की जांच सौंपी। टीम की जांच के बाद पांवटा के एसएचओ मनीष चौहान को रेणुकाजी थाना स्थानांतरित कर दिया गया। जबकि रेणुका के एसएचओ देवानंद गुलेरिया का पांवटा थाना के लिए तबादला किया गया। इस मामले की गहनता से जांच के लिए शिमला से डीएसपी रैंक अधिकारी अमित कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम पांवटा पहुंची है।
उधर, पीड़ित उद्योगपति के परिजनों व अन्य उद्यमियों का कहना है कि एसएचओ के खिलाफ जांच कर जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो सके। वहीं, होटल खरीद फरोख्त विवाद मामले में आरोपी होटल व्यवसायी ने अदालत से अग्रिम जमानत ले ली है। मंगलवार शाम को पुलिस के समक्ष पेश हुए। स्थानीय पुलिस व शिमला से पहुंची टीम ने भी होटल व्यवसायी के बयान दर्ज किए हैं।