अमर उजाला ब्यूरो
यशवंत विहार (सिरमौर)। नाहन शहर की समीपवर्ती यशवंत विहार कालोनी में निर्माणाधीन सीवरेज के मलबे में दबने से ठेकेदार की मौत हो गई। रविवार देर शाम हुए हादसे के बाद इलाके में शोक लहर है।
10 से 12 फुट गहरी खोदी गई सीवरेज की नाली में मलबे के बीच दबे ठेकेदार का शव निकालने में लगभग तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला।
रात करीब साढ़े नौ बजे शव बाहर निकाला जा सका। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर दस हजार रुपये की राशि प्रदान की है, जबकि 4.50 लाख रुपये सोमवार को पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे।
नाहन शहर से लगभग तीन किलोमीटर दूर नाहन-शिमला सड़क मार्ग से सटी यशवंत विहार कालोनी में नगर परिषद की ओर से सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। सीवरेज लाइन के लिए दस से 12 फुट तक गहरी खुदाई हुई है।
बताया जा रहा है कि रविवार देर शाम नाहन निवासी ठेकेदार मुशर्रफ कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान वह कुछ मजदूरों के साथ सीवरेज के लिए खोदी गई नाली में चले गए। अचानक सीवरेज की खुदाई के लिए खोदी गई नाली के एक ओर का मलबा गिर गया और ठेकेदार उसकी चपेट में आ गया।
बताया जा रहा है कि वहां लगी पाइप को पकड़ कर एक मजदूर ने अपनी जान बचा ली। इसकी सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते वहां पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मलबे में दबे ठेकेदार को बाहर निकालने के लिए तुरंत जेसीबी से खुदाई शुरू की गई लेकिन जब तक मलबा हटाया दिया गया, तब तक उसकी सांसें उखड़ चुकी थी।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे।
उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और घटना पर दुख जताया। जबकि प्रशासन की ओर से उपायुक्त ललित जैन, एडीसी हरबंस ब्रॉसकॉन, नगर परिषद अध्यक्ष अनिता शर्मा, कार्यकारी अधिकारी एसएस नेगी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि मृतक के परिवार को दस हजार रुपये की फौरी राहत दी जा रही है। सोमवार को मामूली औपचारिकता के बाद पीड़ित परिवार को 4.50 लाख रुपये की राहत दी जाएगी।