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फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वाली महिला का कैद

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अमर उजाला ब्यूरो
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
एसीजेएम न्यायालय संख्या-2 पांवटा ने फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी प्राप्त करने की आरोपी महिला को 1 वर्ष की कैद और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। महिला ने झूठा अपंगता प्रमाणपत्र दिखा कर आंगनबाड़ी की नौकरी हासिल की थी। दोष सिद्ध होने पर आरोपी महिला को एसीजेएम न्यायालय-2 पांवटा साहिब के न्यायाधीश विवेक खेनाल की अदालत ने शनिवार को सुनाई है।

सहायक जिला न्यायवादी जसवीर सिंह ने बताया कि 7 जुलाई 2008 को मामला दर्ज हुआ था जिसमें आरोपी सरीता देवी पत्नी जगपाल निवासी पोओ हल्ला के ग्राम तांदिया निवासी के खिलाफ आईपीसी की धारा-420, 467, 468 व 471 के तहत शिलाई पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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शिकायतकर्ता चेत राम पुत्र कुंभिया राम ग्राम तादियां निवासी ने न्यायालय के माध्यम से सीआरपीसी-156 (3) के तहत शिकायत जेएमआईसी-2 पांवटा में कर दी थी जिसमें आरोप था कि आरोपी सरीता देवी ने आंगनबाड़ी की नौकरी प्राप्त करने को झूठा अपंगता प्रमाण पत्र दिया। इसी आधार पर नौकरी हासिल कर ली थी।
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अदालत में मामला चला व आरोप सही साबित हुआ। 16 दिसंबर को अदालत ने आरोपी महिला को दोषी पाए जाने पर आईपीसी की धारा-420 केे तहत 1 वर्ष कैद और 2500 जुर्माना, धारा-468 के तहत 6 माह कैद व 2500 राशि जुर्माना, धारा-467 में 6 माह कैद व 2500 जुर्माना तथा आईपीसी की धारा 471 के तहत 6 माह कैद व 2500 जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी जसवीर सिंह ने कहा कि जुर्माना राशि अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी महिला को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
 
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