जगत सिंह तोमर
शिलाई (सिरमौर)। खून से लथपथ हुए लोग। कोई इधर-गिरा था तो कोई उधर। बमराड़ के समीप क्यारका में हुए जीप (बोलेरो) हादसे के बाद घटना स्थल चीखों पुकार से गूंज उठा। अपनों के खोने के गम में परिजन सुधबुध ही खो बैठे। यह खौफनाक मंजर देखकर हर किसी के दिल दहल उठे। हादसे में बमराड़ गांव के दुलाराम की मौत हो गई, जबकि उसके तीनों बेटों की हालत नाजुक बनी हुई है। तीनों को पीजीआई रेफर किया गया है।
रविवार को बमराड़ निवासी 35 वर्षीय दुलाराम अपने तीनों पुत्रों संजय, ऋषभ तथा सचिन को साथ लेकर क्यारका आया था। यहां से वह अपने घर बमराड़ जा रहा था लेकिन टिंबी में ईंट व अन्य सामान से लदी बोलेरो जीप में उसने लिफ्ट ले ली। उसे क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी आ आखिरी सफर है।
हादसे में उसकी मौत हो गई लेकिन तीन बेटे बुरी तरह से घायल हो गए। हालांकि, हादसे के बाद चारों ठीक थे। सभी को पांवटा अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन रास्ते में दुला राम ने प्राण त्याग दिए। जबकि उसके बेटे तीनों भाई पांवटा से पीजीआई रेफर किए गए। हादसे के बाद घटना स्थल पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
राहत कार्य में लगे लोगों के तक रौंगटे खड़े हो गए। मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वह अपनी सुधबुध खो बैठे हैं। उन्हें ढांढस बधाने वाले स्वयं अपने आंसू नहीं रोक पा रहे।
----चीखों पुकार सुन दहल उठे लोगों के दिल
जीप दुर्घटना से बमराड़ में मातम का माहौल
तीन घायल बच्चों से सिर से छीना पिता का साया