पांवटा साहिब(सिरमौर)। मासूम बच्ची की निर्ममता से पिटाई की बात शातिर आरोपी महिला ने अपना अपराध छिपाने को लेकर कही थी। आरोपी महिला ने इसे लेकर पूरा षड्यंत्र तक रच दिया था। एक निजी अस्पताल में ओवरडोज से बच्ची की मौत का पूरा स्वांग भी रच लिया जिससे कि वह अपने गुनाह पर पर्दा डाल सके।
जानकारी के अनुसार आरोपी महिला मासूम बच्ची की निर्दयता से काफी समय से पिटाई करती थी लेकिन इस बार सौतेली मां ने सारी हदें पार कर दीं जिससे एक मासूम बच्ची की जान चली गई। बच्ची के जिस्म पर क्रूरता की हदें पार करने वाले निशान ही इस मामले को उचित दिशा की तरफ ले गए।
बेहद संवेदनशील मासूम बच्ची की हत्या मामले में पुलिस अधिकारी और जांच टीम फूंक-फूंक कर कदम रखती रही जिससे वह वास्तविक आरोपी महिला को सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब हो सके।
शुरुआती जांच में पता चल रहा है कि महिला के पास अपना एक बेटा(11) है। पति नौकरी में बाहर ही रहता है। पिछले एक वर्ष से गोद ली बच्ची के साथ उसका रूखा व्यवहार रहता था। सूत्रों की मानें तो सौतेली मां बच्ची को झाड़ू या कुछ भी जो हाथ लगता था उससे पिटाई कर देती थी। उसका स्वभाव भी बेहद चिड़चिड़ा रहता था। मासूम बच्ची यदि बिस्तर पर शौच कर देती तो बुरी तरह से पिटाई कर दी जाती थी। काफी समय से मासूम के साथ यह हो रहा था लेकिन विगत दिनों महिला ने क्रूरता की सभी हदें पार कर डालीं। मासूम बच्ची की पिटाई के बाद पेट में दर्द बता कर निजी अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद अपना गुनाह छिपाने के लिए निजी अस्पताल पर ही उपचार में लापरवाही के आरोप का मामला तक दर्ज करवा दिया जिससे मामले को दूसरा रुप दिया जा सके। पुलिस जांच टीम ने मामला दर्ज कर लिया लेकिन बच्ची की मौत के बाद भी महिला के चेहरे के हावभाव और गतिविधियों से कुछ संदेह हुआ। बच्ची के शरीर पर जख्म के निशान पहले ही कई सवाल पैदा कर रहे थे।
अब, बच्ची की मौत मामले का खुलासा होने पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को खुद निदेशक एफएसएल डॉ. अरुण शर्मा और वैज्ञानिक अधिकारी नसीब पटियाल की टीम मौके पर पहुंची। इस मामले में तमाम साक्ष्य जुटा कर लैब में जांच को भेज दिए हैं।
उधर, एसपी सिरमौर खुशहाल शर्मा ने कहा कि एफएसएल टीम और पुलिस जांच टीम मौके पर जांच में जुटी है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले की गहनता से हर पहलू पर तफ्तीश की जा रही है।
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यह है गठित एसआईटी टीम
डीएसपी पांवटा बीर बहादुर सिंह ने शुरू से ही इस मामले को काफी गंभीरता से लिया। इस मामले की जांच को 10 सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी गई है। एसएचओ पुरुवाला इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित हुई है। इस टीम में अतिरिक्त थाना प्रभारी पुरुवाला प्रताप सिंह, पीएसआई पांवटा थाना तनुजा, एएसआई पांवटा साहिब रामलाल, मुख्य आरक्षी रविंद्र, संत प्रकाश, एचएचसी राजेंद्र, आरक्षी अजय कुमार, दिनेश और महिला आरक्षी गुरप्रीत कौर को शामिल किया गया है।