नौहराधार (सिरमौर)। गिरिपार के चाढना में ओएनजीसी के खुदाई कार्य को त्रिपुरा से आए आठ मजदूर यहीं फंस गए हैं। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में कंपनी के अधिकारी मिजोरम चले गए हैं लेकिन मजदूरों को यही छोड़ दिया है जिससे मजदूरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके पास न तो राशन है और न ही घर लौटने के लिए पैसे। बताया जा रहा है कि तेल की खोज के चलते यहां कंपनी की ओर से खुदाई का कार्य किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार जनवरी माह में कंपनी की ओर से इस क्षेत्र में मजदूर लगाए गए थे जिसमें जम्मू और नेपाल के भी मजदूर शामिल हैं जिन्हें प्रशासन ने उनके घर छोड़ दिया। आठ मजदूर और फील्ड प्रभारी यहीं रह रहे थे। कुछ दिन पहले फील्ड प्रभारी भी यहां से बिना बताए अपने घर मिजोरम की ओर रवाना हो गया। खुदाई के कार्य में लगे त्रिपुरा के यह मजदूर अब बिना पैसे के घर नहीं जा पा रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के फोन भी बंद चल रहे हैं।
हालांकि कंपनी के तमाम यंत्र यहीं पर हैं। मजदूर जय कुमार, गोविंदा, महिलाल, गुना मोहन गोविन्द्र आदि ने बताया कि हम लोगों के पास अब खाने के लिए राशन नहीं है। अपने घर जाने के लिए पैसे भी नहीं रहे। हर रोज कंपनी के कर्मचारियों को फोन करते हैं मगर फोन भी अब उन लोगों ने बंद कर दिए हैं। थक हार कर इन लोगों ने कंपनी के कर्मचारियों के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कर ली। नौहराधार पुलिस ने सभी को राशन मुहैया करवा दिया है।
एएसआई नौहराधार चेतन चौहान ने बताया कि इन 8 मजदूरों की शिकायत दर्ज की जा चुकी है जहां पर यह लोग रहते हैं, उस मकान मालिक को कहा गया है कि यदि कंपनी के कोई भी कर्मचारी अपना सामान लेने आते हैं तो तुरंत पुलिस को अवगत कराएं। इस बारे में प्रशासन को भी अवगत करवाया गया है।