फर्जी एम फार्म व अन्य दस्तावेज के बाद कब्जे में लिया ट्रक।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। एक्साइज विभाग और पांवटा पुलिस ने मंगलवार देर रात फर्जी एम फॉर्म समेत बिलों के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि महज एक हजार रुपये में नकली एम फॉर्म और बिल बनाए जा रहे हैं। इससे खनन माफिया अपने ट्रकों को बैरियरों से आसानी से पड़ोसी राज्यों तक पहुंचा रहे हैं। लिहाजा, माइनिंग विभाग और अन्य विभागों को भी चूना लगाया जा रहा है। शिकायत के बाद मंगलवार रात को गोविंदघाट बैरियर पांवटा में ऐसा ही एक मामला सामने आया। जब गहनता से जांच की गई तो ट्रक चालक के पास एम-फॉर्म और बिल भी फर्जी पाए गए। हालांकि, इस फर्जीवाड़े में कई शामिल हो सकते हैं। अवैध खनन सामग्री ले जा रहे ट्रक चालक को एक्साइज विभाग और पुलिस ने एक कंपनी के कथित फर्जी एम-फॉर्म और बिलों के साथ रंगे हाथ पकड़ा। खनन माफिया फर्जी दस्तावेजों को मात्र एक हजार में खरीद रहे थे। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही राज्य सीमा के बैरियरों पर माफिया विभागीय कर्मियों की आंखों में धूल झोंक कर अवैध खनन से भरे ट्रक निकाल रहे थे। खनन कार्य के लिए एम फॉर्म सरकार से ऑनलाइन क्रशर संचालकों और लीज धारकों को प्रदान किए जाते हैं। इसी आधार पर प्रदेश सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये का राजस्व पहुंचता है। उधर, थाना प्रभारी पांवटा संजय शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आईपीसी की धारा-419, 420, 467 व 468 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
ऐसे हुआ सनसनीखेज खुलासा
बताया जा रहा है कि लंखविंद्र सिंह एंड कंपनी को फर्जी एम फॉर्म और बिलों से अवैध खनन होने की आशंका थी। इसकी सूचना कंपनी के मैनेजर सोहन लाल ने एक्साइज विभाग को दी। मंगलवार रात को कंपनी अधिकारियों की आशंका सच साबित हुई। फर्जी बिलों और एम-फार्म का इस्तेमाल कर अवैध खनन कर ले जा रहे ट्रक को पकड़ लिया गया। अब इस मामले में कई और भी सनसनीखेज खुलासे हो सकते हैं।
मौके पर पहुंचे जिला खनन अधिकारी
मामला संज्ञान में आने पर जिला खनन अधिकारी बुधवार को पांवटा पहुंचे। उन्होंने मामले की
पूरी जानकारी अपने स्थानीय विभागीय टीम से ली। जिला खनन अधिकारी सरित चंद्र ने कहा कि इस तरह की सूचना मिली है। इस तरह के मामलों पर विभागीय टीम पूरी चौकसी से नजर रखेगी।