नाहन। श्री शिव निरंजन धाम के अध्यक्ष पंडित कंठीराम ने सरकार से गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म के लोग गाय के दूध को पीते हैं और इस दूध की पौष्टिकता और सात्विक महत्व को भी जानते हैं।
कुछ विधर्मी लोग गाय के दूध के साथ-साथ इसका मांस खाने से भी गुरेज नहीं करते। भगवान श्री कृष्ण ने भी ग्वाले के रूप में अपनी लीला से एक आदर्श स्थापित किया कि गाय की रक्षा सुरक्षा और पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी धर्म के लोग मिलकर गोमाता को राष्ट्र माता, राष्ट्र पशु का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास करेंगे। ताकि गोमाता बेसहारा और आवारा न रहे। गोमाता के रोम-रोम में 33 कोटी देवी-देवताओं का वास है।