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Sirmour News: अदालत 6

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फोरेंसिक जांच की मांग खारिज, आरोपी को अंतिम मौका
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नाहन। न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी की ओर से दायर फोरेंसिक जांच की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी की उठाई गई दलीलों में पर्याप्त आधार नहीं है और अगली तारीख पर साक्ष्य पेश न होने पर मौका समाप्त कर दिया जाएगा।
मामला केवल राम बनाम राजेंद्र के बीच का है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने 6 लाख रुपये के उधार को चुकाने के लिए दो चेक जारी किए थे, जो बाद में बाउंस हो गए। सुनवाई के दौरान आरोपी ने दावा किया कि संबंधित चेक उसने शिकायतकर्ता को नहीं दिए थे, बल्कि ये चेक उसने पहले किसी अन्य व्यक्ति को खाली हस्ताक्षर करके दिए थे, जिनका दुरुपयोग किया गया।
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आरोपी ने चेक की लिखावट, हस्ताक्षर और स्याही की उम्र की जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजने की मांग की। हालांकि, अदालत ने पाया कि आरोपी अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। इन परिस्थितियों में अदालत ने आरोपी का आवेदन खारिज करते हुए मामले को 14 मई 2026 तक स्थगित कर दिया।
संवाद
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