चेक बाउंस मामले में सजा पर रोक, अपील तक राहत
नाहन।
सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मामले में दोषी को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट की दी सजा पर रोक लगाई है। अदालत ने यह आदेश शराफत अली बनाम ज्योति को-ऑपरेटिव नॉन-एग्रीकल्चरल थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट सोसायटी मामले में दिया है। यह मामला साल 2023 का है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 11 दिसंबर 2025 को शराफत अली को दोषी ठहराते हुए छह महीने का कारावास और 1 लाख का जुर्माना/मुआवजा देने का आदेश दिया था। अब अब दोषसिद्धि के खिलाफ शराफत अली ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि निपटारे में समय लग सकता है। इसी कारण सजा के फैसले को अपील के अंतिम निपटान तक निलंबित कर दिया। अदालत ने शर्त लगाई है कि शराफत अली को मुआवजा राशि का 20 जमा करना होगा। साथ ही 25,000 का व्यक्तिगत बांड और समान राशि की जमानतदार पेश करना होगा। इसके अलाव अपील असफल रहने पर सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करना होगा।
संवाद