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Sirmour News: अदालत

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नशा बरामदगी के मामले में
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नौ साल बाद दो आरोपी बरी
- साल 2017 को पांवटा साहिब थाना का मामला, पुलिस ने 816 प्रतिबंधित दवा और 192 ग्राम चरस बरामदगी का किया था दावा
- मामले को साबित करने के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य जरूरी : अदालत

संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पांवटा साहिब में साल 2017 में दर्ज ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश ने लंबी सुनवाई के बाद दो आरोपियों को बरी कर दिया है। इसमें अमरकोट निवासी लखवीर सिंह और अशादीन निवासी शामिल हैं। अदालत ने फैसले में स्पष्ट कहा कि केवल बरामदगी का दावा पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कोर्ट में ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश करना जरूरी होता है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 6-7 मई की रात पुलिस टीम बटामंडी-बहराल रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो युवकों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने बाइक मोड़ने की कोशिश की, लेकिन दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 816 स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल और 192 ग्राम चरस बरामद होने का दावा किया गया था।
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पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास इन दवाओं और मादक पदार्थों का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं था। इसके बाद आरोपियों को नोटिस देकर दवाओं के स्रोत और लाइसेंस संबंधी जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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मामले में 2019 और 2024 में आरोप तय किए गए। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए 5 गवाह पेश किए गए, लेकिन गवाहों के बयानों में संगति की कमी पाई गई। कोर्ट ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। जरूरी दस्तावेज और सबूत रिकॉर्ड पर पर्याप्त नहीं थे। इन कमियों के चलते कोर्ट ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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