-हादसे के 9 साल बाद पीड़ित परिवार के हक में आया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण नाहन ने एक महत्वपूर्ण फैसले में सड़क हादसे का शिकार हुए ट्रक क्लीनर के पीड़ित परिवार के हक में बड़ा निर्णय सुनाया है। न्यायाधिकरण-II गौरव महाजन की अदालत ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह मृतक के परिजनों को 16,93,800 रुपये का मुआवजा अदा करे। इसके साथ ही याचिका दायर करने की तिथि से लेकर पूरी रकम की वसूली तक 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देय होगा।
मामले के अनुसार, जिला सिरमौर के नाहन तहसील के तहत गांव थली गलाहां (जमटा) निवासी पंकज कुमार एक ट्रक पर बतौर क्लीनर काम करता था। 17 जनवरी 2017 की रात करीब 10:30 बजे जब उनका ट्रक उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के सिधौली कस्बे में साईं पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, तो सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक (यूपी 15ई-9611) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में क्लीनर पंकज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि ट्रक चालक सतपाल सिंह घायल हो गया था। हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया था, जिसके संबंध में सिधौली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
हादसे के वक्त पंकज कुमार की उम्र महज 23 साल थी और उनका बेटा सिर्फ एक महीने का था। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत के बाद युवा विधवा नूतन चौहान, मासूम बेटे युवान और बुजुर्ग मां किरण के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद पीड़ित परिवार ने न्यायाधिकरण में इंसाफ की गुहार लगाई थी। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने तकनीकी कमियों और आरोपी चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की थी। हालांकि, न्यायाधिकरण ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम एक सामाजिक कल्याणकारी कानून है।
अदालत ने अपने आदेश में मुआवजे की राशि का विभाजन करते हुए कहा कि विधवा पत्नी नूतन चौहान को कुल राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा, बेटे युवान को 25 प्रतिशत हिस्सा, जिसे उसके बालिग होने तक राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं, बुजुर्ग मां किरण को 25 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। न्यायाधिकरण ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर इस अवार्ड की राशि जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।