नाहन (सिरमौर)। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए कबाड़ी का काम कराने वाले दुकानदार अभिमन्यु को चोरी का माल रखने (आईपीसी की धारा 411) के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने माना कि अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी को बरामद सामान चोरी का होने की जानकारी थी या उसने उसे जानबूझकर अपने कब्जे में रखा था। मामला जुलाई 2022 का है। पुलिस के अनुसार सतौन में एक स्टोर का पिछला हिस्सा तोड़कर गैस सिलिंडर, कबाड़ और अन्य सामान चोरी किया गया था। जांच के दौरान यह सामान एक कबाड़ी की दुकान से बरामद होने का दावा किया गया। इसके आधार पर पांवटा साहिब निवासी अभिमन्यु के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 16 जुलाई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने उसे एक वर्ष के कारावास और 4 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी धनशिपु के खिलाफ रात्रि में घर में घुसकर चोरी करने की दोषसिद्धि बरकरार रहेगी, क्योंकि उसने इस फैसले को चुनौती नहीं दी थी। साथ ही अभिमन्यु की ओर से जमा किया गया जुर्माना लौटाने का भी आदेश दिया गया है।