नाहन। अदालत ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाहन की ओर से दायर आवेदन को स्वीकार करते हुए एफआईआर में आरोप पत्र दाखिल करने में हुई देरी को माफ कर दिया। अभियोजन पक्ष को निर्देश दिया गया कि वह तुरंत अंतिम रिपोर्ट दाखिल करे। 8 अप्रैल 2025 को दर्ज मामले की प्रारंभिक जांच में विरोधाभासी बयान और भूमि विवाद के चलते 30 मई 2025 को रद्दीकरण रिपोर्ट तैयार की गई थी। बाद की जांच में नए गवाहों के बयान और जाति प्रमाणपत्र के सत्यापन की आवश्यकता सामने आई। शिकायतकर्ता के बयान और गवाह अजय के सत्यापन से जाति आधारित दुर्व्यवहार और आपराधिक धमकी का प्रथम दृष्टया मामला स्थापित हुआ। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने जाति प्रमाणपत्र की पुष्टि और अनुसूचित जाति/जनजाति अधिसूचनाओं की जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने माना कि देरी वास्तविक और अनजाने में हुई है, न कि दुर्भावनापूर्ण। संवाद