नाहन। अदालत ने एनआई एक्ट के मामले में आरोपी की ओर से दायर आवेदन को खारिज कर दिया। आरोपी धनबीर सिंह ने सीआरपीसी की धारा 311 व 315 के तहत गवाह के रूप में पेश होने और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी। उसका तर्क था कि उसने वास्तविक उधार ली गई राशि वर्ष 2022 में वापस कर दी थी और इस तथ्य को साबित करने के लिए दस्तावेज आवश्यक हैं। शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे देरी की रणनीति बताते हुए विरोध किया। रिकॉर्ड के अवलोकन में पाया गया कि आरोपी को तीन अवसर दिए गए थे, लेकिन वह कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सका। 30 जनवरी 2025 को अदालत ने उसके साक्ष्य बंद कर दिए थे। अदालत ने माना कि आवेदन देर से दायर किया गया है और यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। इसलिए आवेदन को निरस्त कर दिया गया। अब मामला 8 मई 2026 को बहस के लिए सूचीबद्ध किया गया है। संवाद