फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: नाबालिग की 4.14 लाख की संपत्ति बेचने को मां को मिली कोर्ट से मंजूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला में रहने के कारण सिरमौर की संपत्ति का प्रबंधन था मुश्किल
विज्ञापन

बिक्री राशि बालिग होने तक एफडी में रहेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। परिवार न्यायालय नाहन ने नाबालिग की सिरमौर स्थित संपत्ति को बेचने की अनुमति उसकी मां मोनिका शर्मा को दे दी है। अदालत ने मोनिका शर्मा को नाबालिग का प्राकृतिक अभिभावक भी नियुक्त किया है। यह फैसला अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने सुनाया।
मोनिका शर्मा ने न्यायालय में याचिका दायर कर बेटे की संपत्ति बेचने की अनुमति मांगी थी। याचिका में बताया गया कि परिवार वर्तमान में पंचकूला, हरियाणा में रहता है, जिसके कारण सिरमौर स्थित संपत्ति का नियमित प्रबंधन करना मुश्किल है। संपत्ति के अनुपयोगी पड़े रहने से इसके मूल्य में कमी आने और अतिक्रमण का खतरा भी बताया गया। याचिका में कहा गया कि संपत्ति को बेहतर कीमत पर बेचकर प्राप्त राशि का उपयोग बेटे की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए किया जा सकेगा। बच्चे के पिता सत्येन शर्मा ने भी याचिका का समर्थन किया।
विज्ञापन

तहसीलदार नाहन की रिपोर्ट के अनुसार नाबालिग के हिस्से की संपत्ति का बाजार मूल्य 4,14,415 रुपये आंका गया है। अदालत ने निर्देश दिया कि संपत्ति को इससे कम कीमत पर नहीं बेचा जाएगा।
विज्ञापन

न्यायालय ने गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट, 1890 की धारा 7 और 10 के तहत अनुमति प्रदान की। अदालत ने स्पष्ट किया कि संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग केवल बच्चे की शिक्षा, कल्याण और भलाई के लिए किया जाएगा। राशि उसके नाम पर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा (एफडी) के रूप में रखी जाएगी और उसके बालिग होने तक सुरक्षित रहेगी। बालिग होने के बाद वह इस राशि को प्राप्त कर सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें