नाहन। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क दुर्घटना के मामले में मृतक के आश्रितों को मुआवजा राशि जारी करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश कपिल शर्मा ने कुसुम देवी व अन्य बनाम मेग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के मामले में यह आदेश पारित किया है। साल 2020 की दावा याचिका में 27 जनवरी 2026 को निर्णय पारित हुआ था। अब मृतक की पत्नी कुसुम देवी, उसकी बेटी और मां ने आजीविका के लिए मुआवजा राशि जारी करने के लिए आवेदन किया था। एमएसीटी ने नायब नजीर की रिपोर्ट के अनुसार पाया कि 7,15,363 की राशि पूर्व में जमा की गई। ऐसे में एमएसीटी ने पीड़िता कुसुम देवी (पत्नी) को 40 प्रतिशत राशि और बेटी व मां को 30-30 प्रतिशत याचिका दायर करने की तिथि से वसूली तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अवार्ड करने का आदेश दिया। साथ ही व्यस्क होने तक नाबालिग का हिस्सा किसी राष्ट्रीयकृत अनुसूचित बैंक में एफडीआर के रूप में रखने के निर्देश दिए हैं। संवाद