नाहन (सिरमौर)। पारिवारिक विवाद के एक मामले में अदालत ने पत्नी और उसके दो मासूम बच्चों को राहत देते हुए पति को अंतरिम भरण-पोषण (मेंटेनेंस) देने का आदेश जारी किया है। पीड़िता दीपा ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसके पति राहुल ने बिना किसी कारण उसे छोड़ दिया और अब वह अपने मायके में रहने को मजबूर है। महिला ने बताया कि उसके साथ दो छोटे बच्चे भी हैं, जिनका खर्च उठाना उसके लिए मुश्किल हो रहा है। वहीं, पति ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि पत्नी खुद ही घर छोड़कर चली गई। उसने खुद को बेरोजगार बताते हुए भरण-पोषण देने से इन्कार किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि पत्नी और बच्चों को आर्थिक सहायता मिलना जरूरी है। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों बच्चों को एक-एक हजार प्रति माह और पत्नी को 2,000 प्रति माह का अंतरिम भरण-पोषण दिया जाए। यह राशि याचिका दायर करने की तारीख से लागू होगी। संवाद