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Sirmour News: विधायक अजय सोलंकी सहित कांग्रेस के आठ नेता अदालत ने किए बरी

सार

नाहन (सिरमौर) में 2018 के यातायात बाधित करने के मामले में अदालत ने कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी समेत आठ नेताओं को बरी किया। अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को दोषी नहीं पाया।
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2018 में यातायात बाधित करने के मामले में अदालत ने सुनाया फैसला
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विकास कपूर की अदालत ने करीब सात साल पुराने मामले में वर्तमान विधायक एवं पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अजय सोलंकी सहित आठ लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 149 के साथ धारा 143 और 341 के तहत अपराध के लिए दोषी नहीं पाए जाने पर बरी कर दिया है।
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पैरवी कर रहे अधिवक्ता वीरेंद्र पाल शर्मा ने बताया कि वर्तमान विधायक एवं पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अजय सोलंकी सहित पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता रुपेंद्र ठाकुर, ऑल इंडिया कांग्रेस के वर्तमान महासचिव शिवि चौहान, पूर्व महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष उपमा धीमान, युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष ओपी ठाकुर, उद्योग मंत्री के वर्तमान में आईटी प्रभारी सुनील चौहान व श्याम लाल सोढ़ा पर आरोप लगाए गए थे कि 10 सितंबर 2018 को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया था। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी नाहन कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया था। सभी अभियुक्तगण, जो कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और पूर्व प्रतिनिधि थे 50-60 कार्यकर्ताओं के साथ सुबह 11:30 बजे गुन्नू घाट चौक पर एकत्रित हुए थे। उक्त प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे लिए और सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए गुन्नू घाट से एक रैली निकाली। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारी पहले से ही वहां तैनात थे। प्रदर्शनकारी 11:55 बजे दिल्ली गेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने एक सभा की और आरोपी सड़क के बीचोबीच बैठ गए। ऐसे में यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया। इसके बाद सभी आरोपी व्यक्ति सरकार की नीतियों के खिलाफ एक के बाद एक भाषण देने लगे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दिल्ली गेट पर लगभग 15 मिनट तक यातायात और पैदल चलने वालों को रोका गया। चूंकि उक्त आरोपियों ने यातायात और पैदल चलने वालों को बाधित किया था, इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा 143 और 341 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शर्मा ने बताया कि सभी गवाहों व पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आठों आरोपियों को बरी करने के आदेश जारी किए हैं।
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