तहसील नाहन का मामला, जिला न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को ठहराया सही
महिला ने तीन लोगों पर मारपीट, धमकी और प्रतिष्ठा धूमिल करने के लगाए थे आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मारपीट, धमकी और प्रतिष्ठा धूमिल करने के आरोपों से जुड़े एक दीवानी मामले में महिला की ओर से दायर 1 लाख रुपये हर्जाने की मांग को खारिज कर दिया गया है। जिला न्यायाधीश योगेश जसवाल की अदालत ने 15 मई 2025 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील निरस्त कर दी।
तहसील नाहन की निवासी सोमा देवी ने धीरज कुमार, लक्की और ओम प्रकाश के खिलाफ दीवानी वाद दायर कर मानसिक प्रताड़ना, मुकदमेबाजी खर्च और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के एवज में एक लाख रुपये हर्जाने की मांग की थी। आरोप था कि वर्ष 2013 में भूमि विवाद को लेकर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज हुआ, लेकिन प्रभावशाली होने के कारण आरोपियों ने जांच और पंचायत कार्रवाई को प्रभावित कर खुद को बरी करवा लिया।
वहीं, प्रतिवादियों ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने अदालत में कहा कि कथित मारपीट और धमकी की घटना कभी हुई ही नहीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि केवल आरोपों के आधार पर हर्जाना नहीं दिया जा सकता और वादी यह साबित करने में असफल रही कि प्रतिवादियों ने किसी प्रकार की साजिश या प्रक्रिया में हेरफेर किया। अदालत ने फैसले में कहा कि केवल अपील या मुकदमेबाजी में खर्च होने भर से हर्जाने का दावा नहीं बनता, जब तक कि आरोप ठोस साक्ष्यों से साबित न हों।