संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सीटू जिला सिरमौर कमेटी की बैठक रविवार को नाहन में कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें देश और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक एवं आर्थिक परिस्थितियों पर गंभीर चर्चा करते हुए मजदूर, किसान, खेत मजदूर, कर्मचारी, योजना कर्मियों और मेहनतकश जनता पर बढ़ते हमलों के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला प्रभारी जगत राम और जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश की संपत्ति को मुट्ठीभर बड़े पूंजीपतियों के हवाले करने में लगी हुई है। एक ओर सार्वजनिक उद्योग, बैंक, बीमा, बिजली, परिवहन और प्राकृतिक संसाधनों का निजीकरण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते भारतीय कृषि, विशेषकर हिमाचल प्रदेश के सेब, बागवानी और अन्य कृषि उत्पादों पर सीधा हमला हैं। सस्ते विदेशी आयात से किसानों की फसलों के दाम गिरेंगे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट आएगा। वक्ताओं ने मनरेगा को बहाल करने, कम से कम 200 दिन का रोजगार, 600 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी, समय पर भुगतान और शहरी रोजगार गारंटी कानून लागू करने की मांग की। इसके अलावा चार लेबर कोर्ट खत्म करने की भी पुरजोर मांग की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शन, 29 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय प्रदर्शन और 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन में सिरमौर जिला से हजारों मजदूरों, किसानों, खेत मजदूरों, आंगनवाड़ी, मिड-डे मील, आशा वर्कर्स और अन्य मेहनतकश तबकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए पूरे जिले में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में आंगनवाड़ी यूनियन की जिला महासचिव और सीटू जिला कोषाध्यक्ष वीना, सीटू की जिला उपाध्यक्ष इंदु तोमर, नीलम शर्मा, सुमन ठाकुर, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के जिला महासचिव संदीप, जिला अध्यक्ष विनीत, सुदेश, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र, जिला कमेटी सदस्य कॉमरेड सत्या, श्याम दत्त, देवकुमारी, लीला, माया, अंजू, ममता, श्यामा, शीला सहित अन्य साथियों ने भाग लिया।-
नाहन में सीटू की जिला स्तरीय बैठक में मौजूद लोग। संवाद