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Sirmour News: दोस्ताना ऋण लेना पड़ा भारी, चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल की सजा

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दोस्ताना ऋण लेना पड़ा भारी, चेक बाउंस
मामले में आरोपी को एक साल की सजा
-राजगढ़ क्षेत्र में साल 2022 का मामला, मैत्रीपूर्ण संबंध के चलते उधार ली थी 2.50 लाख रुपये की रकम
- न्यायिक मजिस्ट्रेट रितु सिन्हा ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। करीब चार साल पहले लिए दोस्ताना ऋण को न चुकाना एक व्यक्ति को महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी गीता राम को दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित पक्ष को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश भी दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट रितु सिन्हा ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि मुआवजा न देने की स्थिति में दोषी को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला साल 2022 को तहसील राजगढ़ क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता गुरदयाल सिंह ने अदालत को बताया कि गीता राम ने सितंबर महीने में मैत्रीपूर्ण संबंध के चलते 2.50 लाख रुपये उधार लिए थे। उसने अप्रैल 2024 तक उधार राशि चुकाने का वचन दिया था लेकिन आरोपी देनदारियों को चुकाने में विफल रहा। उसने 2 जनवरी 2023 को 2,50,000 की राशि का एक चेक जारी किया लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गया।
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कानूनी नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने न तो रकम लौटाई और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि आरोपी अपना पक्ष साबित करने में असफल रहा।
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