नाहन (सिरमौर)। नाहन शहर में शुक्रवार को छड़ी पर्व व छड़ियों का मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले में हजारों लोगों ने शिरकत की। वहीं, पवित्र गुग्गा माड़ी पर नाहन के स्थानीय व साथ लगते क्षेत्रों से हजारों श्रद्घालुओं ने माथा टेका। माथा टेकने के लिए लोगों को दिनभर घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
इस मौके पर बागड़ देश के जाहरवीर गुगापीर जी महाराज की छड़ी को गुग्गापीर की माड़ी पर लाया गया। इससे पूर्व छोटा चौक नाहन से इस पवित्र छड़ी को ढोल नगाड़ों के साथ पूरा बाजार में घुमाया गया। इस दौरान छड़ी शोभायात्रा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। मेला शुक्रवार देर शाम शुरु हुआ।
स्थानीय व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में जमकर खरीददारी की। छड़ी मेले में चाइना मेड खिलौने परंपरागत खिलौनों पर भारी पड़ते नजर आए। एक ओर जहां महिलाओं व युवतियों ने खूब चाट व गोलगप्पे उड़ाए वहीं बच्चों का रुझान फास्ट फूड मोमो, चाऊमिन पर ज्यादा रहा। मेले में मोमो व चाट की खूब धूम रही। मेले में हिमाचल समेत बाहरी राज्यों से आए व्यापारियों ने बताया कि यहां के लोगों से उन्हें काफी सहयोग मिलता है। वह यहां के हर मेले में प्रतिवर्ष अपनी दुकानें सजाते हैं। मेले में पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने में पूरी तरह से जुटा रहा।
मान्यता के अनुसार सावन माह की प्रथम संक्रांति पर पवित्र छड़ी को पूजा के लिए शहर के प्रमुख मंदिर कालीस्थान में लाया जाता है। रक्षाबंधन को एक दिन के लिए इस पवित्र छड़ी को पूजा के लिए बड़ा चौक में रखा जाता है। इसके बाद दूसरे दिन पवित्र छड़ी को ढोल नगाड़ों के साथ वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार छोटा चौक में स्थापित किया जाता है। छोटा चौक से ठीक 9 दिन बाद मुख्य छड़ी यात्रा का आयोजन होता है। छड़ी को गाजों-बाजों के साथ पूरे शहर से घूमाते हुए सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ प्रमुख स्थान गुग्गापीर की माड़ी पर स्थापित कर दिया जाता है। इसके बाद छड़ी के दर्शनों को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
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