कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में कॉमन एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा ताकि फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल तरल और गंदे पानी का उपचार हो सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी सिरमौर बीसी बडालिया ने यह जानकारी दी।
उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि कॉमन एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए 15 बीघा भूमि का औद्योगिक क्षेत्र में अविलंब चयन किया जाए। साथ ही इस प्लांट को स्थापित करने के लिए तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं का गहनता से सर्वेक्षण भी किया जाए।
डीसी ने कहा कि सीईटीपी स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करके डीपीआर शीघ्र तैयार की जाए ताकि मामला सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि आईपीएच विभाग द्वारा कालाअंब में स्थापित किए जा रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को कॉमन एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट के साथ कन्वरजेंस किया जा सकता है जिससे आम जनता को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस सीईटीपी की निगरानी का कार्य स्पेशल पर्पज वाहन द्वारा किया जाएगा, जिसमें उद्योग, आईपीएच और प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी इसके सदस्य होंगे।
उपायुक्त ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण करने के दृष्टिगत सरकार द्वारा कालाअंब में कॉमन एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ताकि उद्योगों से निकलने वाला दूषित तरल नदी नालों में बहकर लोगों के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव न डालें।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कालाअंब और पांवटा साहिब में स्थापित उद्योगों का निरीक्षण किया जाए और दूषित तरल के प्रवाह वाले उद्योगों को निर्देश दिए जाएं कि दूषित तरल के प्रबंधन के लिए फैक्टरी के भीतर ही प्लांट स्थापित किए जाएं ताकि आम जीवन पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इस मौके पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण अभियंता अविनाश कुमार, अधिशाषी अभियंता आईपीएच राजेश मोंगरा, प्रबंधक उद्योग विभाग रचित कुमार, अतिरिक्त सहायक अभियंता पीसीबी प्रदीप मोदगिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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