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जिले में एचआरटीसी ने चलाई बसें, बढ़ीं सवारियां

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नाहन (सिरमौर)। निजी बस ऑपरेटरों के हड़ताल पर जाने का असर दूसरे दिन भी देखा गया। हड़ताल के चलते हालांकि एचआरटीसी ने मोर्चा संभाला है। जिले में एक दर्जन के करीब रूटों पर बसों की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। निजी बसों की सेवाएं बंद होने से सरकारी बसों में भी सवारियों में बढ़ोतरी हुई है। जिले के कई दुर्गम क्षेत्रों में सरकारी बसों में भारी भीड़ देखी गई।
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जिले में निजी बसें न चलने से निगम की आय में भी थोड़ा उछाल आया है। कोरोना काल के दौरान पहले ही निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है। बता दें कि जिले के कई रूट ऐसे भी हैं जहां सरकारी बसों की आवाजाही न के बराबर है। ऐसे रूटों पर यात्रियों को निजी बसों की सेवाएं मिलती आ रही थीं लेकिन हड़ताल के चलते कुछेक रूटों पर यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती, तब तक निजी बसों की सेवाएं ठप रखी जाएंगी। बता दें कि सिरमौर के विभिन्न रूटों पर 271 बसों की सेवाएं बंद पड़ी हैं। वहीं, एचआरटीसी के जिले में 259 रूट हैं। फिलहाल सरकारी बसों की सेवाएं सभी रूटों पर यात्रियों को मिल रही हैं।
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उधर निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक रामदयाल ने बताया कि सभी रूटों पर सरकारी बसों की सेवाएं जारी रखी गई हैं। दर्जनभर के करीब रूटों पर अतिरिक्त बसों की सेवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कई रूटों पर अच्छी सवारियां मिलने से निगम की कमाई में छोड़ा उछाल जरूर आया है।
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नौहराधार और हरिपुरधार में सरकारी बसों में बढ़ी भीड़
नौहराधार (सिरमौर)। निजी बसों की हड़ताल से सरकारी बसों में भीड़ बढ़ गई है। भीड़ देखते हुए कई यात्री सरकारी बसों में सफर नहीं कर रहे हैं। सरकारी बसों के चालक और परिचालक भी क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बिठाने के लिए मजबूर हो गए हैं। हालांकि, कई लोग कोरोना महामारी को देखते हुए परहेज रख रहे है।
अधिकतर लोग सड़कों पर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल सफर करने को मजबूर हो गए हैं। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए 8 से 10 किलोमीटर पैदल जा रहे है। बता दें कि क्षेत्र में सरकारी बसें बहुत कम चलती हैं। नौहराधार और हरिपुरधार क्षेत्र में रोजाना करीब 50 से 60 निजी बसें सड़कों पर दौड़ती हैं। इन क्षेत्रों में मात्र पांच बसें ही सरकारी चलती हैं। इस वजह से सरकारी बसों में भीड़ बढ़ रही है।
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