गंगूवाला के आक्रोशित ग्रामीणों ने लगाए धारा-118 उल्लंघन के आरोप
भाटांवाली पंचायत के लोगों ने अब शैड तैयार करने वालों का किया विरोध
स्थानीय पंचायत की ओर से पहले जारी एनओसी को खारिज करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। ग्राम पंचायत भाटांवाली के लोगों ने धारा-118 के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। वर्ष 2007-08 में एक सोलर कंपनी के लिए करीब सात बीघा भूमि ली गई थी लेकिन दो वर्षों के भीतर इकाई स्थापित नहीं हो सकी।
अब इस भूमि पर रातों रात शैड लगा कर कोई इकाई स्थापित करने के प्रयास हो रहे है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, राजस्व विभाग व उद्योग विभाग से इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने साथ ही चेताया है कि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन विरोध स्वरूप सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
भाटांवाली ग्राम पंचायत प्रधान राकेश चौधरी, गंगूवाला निवासी सुरेश कुमार मेहता व उमेश कुमार समेत ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2007-08 में एक सोलर कंपनी लगाने को गंगूवाला में करीब सात बीघा भूमि प्रदान की गई थी। लेकिन अब तक भी भूमि पर किसी उद्योग को स्थापित नहीं किया गया। इसके चलते नियमानुसार हिमाचल प्रदेश सरकार राजस्व विभाग का इस भूमि पर अधिकार हो जाता है।
ग्रामीणों ने कहा कि अचानक रविवार को कुछ लोग मौके पर पहुंचे। इस भूमि पर अचानक इतने वर्षों के उपरांत शैडनुमा (संभवता कंपनी के लिए) ढांचा तैयार करने लगे। इसका ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व उद्योग विभाग से इस मामले उचित जांच करवाने की आग्रह किया है। यदि उद्योग के लिए ली गई इस भूमि में पर दो वर्षों के भीतर इकाई स्थापित होनी चाहिए थी।
इसके बाद प्रदेश सरकार, राजस्व विभाग के नाम भूमि नियमानुसार कर दी जाती है। अब इतने वर्षों के बाद शैड तैयार करने का कार्य करने पर धारा-118 का उल्लंघन हो रहा है। इसलिए जिला प्रशासन व राजस्व विभाग मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाए।
पंचायत प्रधान राकेश चौधरी ने कहा कि इस बारे में विगत 11 नवंबर 2024 को भाटांवाली पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया है। इसमें कई वर्ष पहले पंचायत द्वारा उद्योग लगाने को जारी अनापत्ति प्रस्ताव को खारिज किया जाए। जिस समय एनओसी जारी की गई थी, उस समय इस तरफ आबादी व रिहायशी घर कम ही थे। अब इसके आसपास रिहायशी घर तथा उपजाऊ भूमि के साथ पेड़ पौधे भी हैं।
इतने वर्षों के बाद अब किसी तरह का उद्योग लगने से मानव जीवन व आबादी प्रभावित हो सकती है। इसलिए इस उद्योग को अन्य स्थल पर स्थानांतरित किया जाए। इस बारे में जिला उद्योग प्रसार अधिकारी सिरमौर को आवश्यक कार्रवाई के लिए पंचायत से प्रस्ताव पारित कर भेज दिया गया है।
तहसीलदार पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा ने कहा कि सूचना मिली है। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।
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