फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहनों ने तिलक लगाकर मांगी भाइयों की लंबी उम्र की दुआ

Tue, 01 Nov 2016 10:48 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)।
विज्ञापन
नाहन में भैयादूज पर भाई को टिका लगाती नन्ही बहना। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिला मुख्यालय नाहन समेत जिला भर में भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित भैया दूज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस मुबारक मौके पर बहनों ने भाई को तिलक लगाकर भगवान से उनकी लंबी उम्र, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, भाइयों ने भी बहन को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें शगुन के रूप में पैसे और गिफ्ट दिए। विवाहित महिलाएं इस पावन पर्व पर मायके आईं और भाइयों को तिलक किया। इस मौके पर बसों में काफी भीड़ रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में जहां इक्का-दुक्का बसें ही चलती हैं वहां महिलाओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इधर भैयादूज के चलते शहर के बाजारों में खासी चहल-पहल रही। लोगों ने मिठाइयों की जमकर खरीदारी की। दिन भर मेहमानों का आना-जाना लगा रहा। मेहमानों के स्वागत के लिए पकवान बनाए गए। बच्चों ने भी घर में खूब आनंद उठाया। इस खास पर्व पर सुबह से ही तिलक लगवाने के लिए भाई-बहनों का एक दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला जारी रहा।

इस वजह से बसों में खासी भीड़ रही। ज्यादातर सरकारी कार्यालयों से कर्मचारी भी अवकाश पर रहे। जिला के धारटीधार, सैनवाधार और गिरिपार क्षेत्र में भैया दूज पर्व पुरानी परंपराओं को निर्वाह करते हुए मनाया गया।
विज्ञापन


भैयादूज के अवसर पर धारटीधार और सैनधार क्षेत्र के सभी दामाद अपने सास और ससुर के लिए दिवाली की भेंट लेकर अपने ससुराल पहुंचे। जहां दामादों का सास-ससुर की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया । सनद रहे कि दशकों से चली आ रही इस परंपरा यानी भैया दूज के दिन का ससुराल वालों और उनके दामादों के लिए विशेष महत्व होता है।

इस दिन सभी दामाद चावल और अखरोट की भेंट लेकर अपने-अपने ससुराल पहुंचते हैं। इनके इंतजार में ससुराल वाले भी बड़ी ही बेसब्री से अपनी पलकें बिछाए रखते हैं।

जहां पहुंचने पर शाम को भोजन करने से पूर्व दामाद अपनी परंपरा का निर्वाह करता है। इसके बाद ही खील-बताशे और मूड़ी का आनंद लिया जाता है तथा दोनों ओर खूब मेल-मिलाप के बाद रात को भोजन किया जाता है। ससुराल में भी दामाद के लिए विशेष प्रकार के पकवान, कांजिन, खीर और पटंडे बनाए जाते हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें