संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह(सिरमौर)। उपमंडल संगड़ाह की ग्राम पंचायत बाउनल काकोग के ग्राम मोहतू में पंडतायिक परिवारों के सौजन्य से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ शुक्रवार को पूर्ण विधि-विधान के साथ आरंभ हुआ।
कथा आरंभ होने से पूर्व माईना, चमयाणा एवं मोहतू गांव की दर्जनों महिलाओं ने मां नगरकोटी मंदिर माईना में शीश नवाया तदोपरांत करीब 11 किलोमीटर दूर माईना गांव की ऐतिहासिक बावड़ी से पवित्र जल भरकर भव्य कलश यात्रा निकाली। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में भजन-कीर्तन करते हुए कथा पंडाल तक पहुंचीं, जहां विधिवत पूजन के बाद कथा का शुभारंभ किया गया।
कथा व्यास अनिल शौनक ने श्रद्धालुओं को भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के मुख से निकले दिव्य शब्द ही भागवत हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में 12 स्कंध, 18 हजार श्लोक, 335 अध्याय और 26 से अधिक छंद हैं, जो मानव जीवन को धर्म, भक्ति और वैराग्य का संदेश देते हैं। कथा के दौरान उन्होंने भगवान के स्वरूप का वर्णन करते हुए समाज में बढ़ रही दहेज प्रथा पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जहां वर-वधू का क्रय-विक्रय होता है वहां विनाश निश्चित है।
कथा में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व के साथ आत्मदेव और धूंदली देवी तथा गौकर्ण एवं धुंधकारी की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कथा के प्रथम दिवस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर कथा श्रवण किया।
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